बिलासपुर/ तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ में पिछले पंचवर्षीय में कांग्रेस की सरकार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को उनके मंत्रियों और भ्रष्ट अफसरों के रवैए के कारण अब सत्ता से हाथ खोना पड़ गया है लेकिन यही हाल वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार के मंत्री और उनके निज स्थापना के होनहार कर्मचारियों के रवैए को देखकर लगता है कि आने वाले समय में भाजपा सरकार की नैया भाजपा सरकार के अहंकारी मंत्री और उसके निज स्थापना के अधिकारियों की व्यवहार डूबो सकती है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एक सहज सरल और सौम्य व्यक्ति के रुप में जाने जाते हैं तो वहीं उनके मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ अफसरों की व्यवहार से जनता भी पूरी तरह से संतुष्ट हैं लेकिन मुख्यमंत्री के सहयोगी कुछ मंत्रियों के जनता के प्रति व्यवहार के साथ ही उनके आगे पीछे घूमने वाले निज स्थापना के अधिकारियों के साथ ही भृत्यु के व्यवहार को देखकर लगता है कि आने वाले समय में भाजपा की सरकार की नैया यही मंत्री और उनके भरोसे मंद अधिकारी डूबोगे क्यों कि जिस तरह का हाल तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में देखने को मिली वहीं स्थिति डेढ़ साल के भाजपा सरकार में देखने को मिल रहे हैं और मंत्री ही नहीं बल्कि उनके निज स्थापना के अधिकारी और यहां तक चपरासियों की जनता के साथ ही प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ किए जा रहे व्यवहार को देखकर लगता है कि जो वर्तमान में खुद को भगवान समझ रहे हैं और जनता की पैसों पर ऐश करने में लगे हुए हैं उन्हें पांच साल बाद सत्ता से हाथ खोना पड़ेगा और एक कहावत छत्तीसगढ़ी में है पद-प्रतिष्ठा खत्म को व्यक्ति को ——- भी नहीं पूछते है, जिसके कई उदाहरण देखने को मिल जाएंगे लेकिन वर्तमान सरकार भी अभी हवा में जिस तरह से उड़ रही है,उसका पांच साल बाद क्या हाल होगा , यह आने वाला समय ही बताएगा। बहरहाल वर्तमान स्थिति से यही लगता है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने मंत्रियों और उनके निज स्थापना के अधिकारियों की व्यवहार पर बदलाव नहीं आए तो निश्चित तौर पर विष्णु देव साय सरकार को दोबारा सत्ता सुख नहीं मिलेगा।