विकास नंद/सर्वव्यापी/
आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व. पंडित विद्याचरण शुक्ल की पुण्यतिथि है कांग्रेस नेताओं सहित विद्या भैया के समर्थक उनके पुण्य तिथि पर उनका पुण्य स्मरण कर रहे हैं। 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में झीरम घाटी हत्याकांड हुआ था जिसमें वो शहीद हो गए झीरम हमला देश में सबसे बड़े नक्सली हमलें के रूप में इतिहास में दर्ज हो गया जिसमें कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेताओं सहित 32 लोग अपनी जान गंवा बैठे। विद्याचरण शुक्ल को देश में एक जननेता के रुप में जाना जाता रहा है विद्या चरण शुक्ल (2 अगस्त 1929 – 11 जून 2013) एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे, जिनका राजनीतिक करियर छह दशकों तक फैला रहा. वे मुख्यतः भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य थे, लेकिन उन्होंने जन मोर्चा, जनता दल, समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भारतीय जनता पार्टी में भी काम किया था. विद्या चरण शुक्ल ने 1960 के दशक में राजनीति में प्रवेश किया और कुछ समय के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के महासमुंद लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया.1966 में, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं, तो उन्होंने विद्या चरण शुक्ल को कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया.उन्होंने विभिन्न मंत्रालयों में काम किया, जिनमें दूरसंचार, गृह, रक्षा, वित्त, योजना, सूचना एवं प्रसारण, विदेश, संसदीय और जल संसाधन शामिल हैं.1977 में, आपातकाल के कारण हुए आक्रोश के कारण, उन्होंने रायपुर से लोकसभा चुनाव हार गए.25 मई, 2013 को, कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर नक्सलियों ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें विद्या चरण शुक्ल घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई.अन्य उल्लेखनीय बातें: आपातकाल (1975 से 1977) के दौरान, विद्या चरण शुक्ल ने ऑल इंडिया रेडियो पर किशोर कुमार के गाने पर प्रतिबंध लगा दिया था.वे आपातकाल के दौरान सूचना एवं प्रसारण मंत्री थे, जब किशोर कुमार ने कांग्रेस के लिए गाने से इनकार कर दिया था। आमजन के प्रिय जननेता को सर्वव्यापी परिवार की ओर से उनके पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।