विकास नंद/ सर्वव्यापी/
सरायपाली विधानसभा क्षेत्र की विधायक चातुरी नंद ने एक बार फिर अपने कार्यशैली और साहसिक फैसलों से क्षेत्र की जनता के बीच सशक्त नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है। एक साधारण परिवार से आने वाली शासकीय शिक्षिका चातुरी नंद, जब पहली बार विधायक बनीं, तब से ही उन्होंने जनता की आवाज़ को विधानसभा तक पहुंचाने और क्षेत्रीय समस्याओं को प्राथमिकता देने का कार्य किया है जिसकी सराहना विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन ने भी की है। हाल ही में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के सरायपाली प्रवास के दौरान हुए घटनाक्रम ने एक बार फिर चातुरी नंद की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और नेतृत्व क्षमता को उजागर किया। कार्यक्रम के दिन पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधियों को थाने में बिठाए जाने की घटना सामने आई। इस मुद्दे पर विधायक चातुरी नंद ने स्पष्ट विरोध दर्ज करते हुए अधिकारियों से नोंक-झोंक की, और समर्थकों को छोड़े बिना स्वयं उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचकर पूरी निडरता से अपनी बात रखी।अपने भाषण में उन्होंने जनता की समस्याओं को प्रमुखता देते हुए सरायपाली में गौरवपथ निर्माण के दौरान हुई अनियमितताओं और गुणवत्ता हीन कार्यों की ओर उपमुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया और संबंधित अधिकारियों को सुधार हेतु निर्देशित करने की मांग की। उनकी यह बेबाक कार्यशैली और जनता के प्रति जवाबदेही ने उन्हें और अधिक लोकप्रिय बना दिया है।महत्वपूर्ण बात यह भी रही कि इस पूरे घटनाक्रम ने महिला जनप्रतिनिधियों के लिए एक सशक्त संदेश छोड़ा। अक्सर देखा जाता है कि महिला जनप्रतिनिधियों के नाम पर पदों का उपयोग उनके प्रतिनिधि करते हैं, लेकिन विधायक चातुरी नंद ने यह साबित किया कि महिलाएं स्वयं भी अपने अधिकारों और दायित्वों को पूरी निष्ठा और मजबूती से निभा सकती हैं।वर्तमान में सरायपाली क्षेत्र में कई महिला जनप्रतिनिधि विभिन्न पदों पर आसीन हैं, जिनमें नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य आदि शामिल हैं। ऐसे में चातुरी नंद जैसी जनप्रतिनिधियों से उन्हें सीख लेनी चाहिए और अपने पद व अधिकारों का उपयोग खुद करते हुए महिला सशक्तिकरण को वास्तविक रूप देना चाहिए।चातुरी नंद आज न केवल सरायपाली की, बल्कि पूरे राज्य की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। उनके इस साहसिक और दृढ़ दृष्टिकोण की सराहना जनसामान्य से लेकर राजनीतिक हलकों तक में की जा रही है।