तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
(छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह सवन्नी के खिलाफ 3 फीसदी कमीशन मांगने के आरोप वाली शिकायती चिट्ठी फर्जी पाई गई है।
यह चिट्ठी हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जनदर्शन में पहुंची थी, जिसे लेकर ऊर्जा विभाग में खलबली मच गई थी। लेकिन अब उसी चिट्ठी को भेजने वाले बताए जा रहे ठेकेदार संगठन “समस्त इकाई” ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने ऐसी कोई शिकायत नहीं की है, और यह पत्र पूरी तरह झूठा, भ्रामक और शरारतपूर्ण है।
मुख्यमंत्री सचिवालय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू की थी। बताया गया कि शिकायत पत्र पर कुछ हस्ताक्षर तो थे, लेकिन स्पष्ट नहीं था कि वह किसकी ओर से की गई है। सोशल मीडिया में भी यह पत्र जमकर वायरल हुआ, जिससे क्रेडा और ऊर्जा विभाग में असहजता का माहौल बन गया।लेकिन सोमवार को समस्त इकाई ठेकेदार संगठन की ओर से सीएम सचिवालय को एक नई चिट्ठी भेजी गई, जिसमें संगठन ने पूर्व में उनके नाम से भेजी गई शिकायत को सिरे से खारिज कर दिया।
इस पत्र में पांच पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं और इसमें साफ कहा गया है कि “हमारी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है, और जो पत्र हमारे नाम से भेजा गया वह पूरी तरह फर्जी और शरारती है।”संगठन ने यह भी कहा कि भूपेंद्र सिंह सवन्नी के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार, असत्य और उनकी छवि को धूमिल करने की साजिश हैं।
संगठन ने सीएम सचिवालय से अनुरोध किया है कि इस फर्जी शिकायती पत्र को नस्तीबद्ध कर दिया जाए।
सूत्रों के अनुसार, अब इस मामले को पूरी तरह बंद (नस्तीबद्ध) कर दिया गया है। यह पहला मौका है जब सीएम जनदर्शन में किसी बड़े पदाधिकारी के खिलाफ इस प्रकार की फर्जी शिकायत पहुंची और संगठन ने स्वयं सामने आकर उसे गलत बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन मॉडल के अंतर्गत जनदर्शन में आई हर शिकायत की गंभीरता से जांच की जाती है। इस मामले में भी सचिवालय ने समय रहते सच सामने लाकर फर्जी शिकायत की साजिश को बेनकाब कर दिया।