गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/ नूर मोहम्मद/ सर्वव्यापी /
छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर संभाग के आदिवासी बहुल क्षेत्र गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में शिक्षा को लेकर लगातार नए उपयोग किया जा रहे हैं, ताकि इस जिले के बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके और राष्ट्रपति के दत्त पुत्र आदिवासी परिवार विश्व में जिले का नाम रोशन करें। इस दिशा में नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी पदभार ग्रहण करते ही इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और उनके पदस्थापना होने के बाद से यहां पर शिक्षा का स्तर में विस्तार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बिलासपुर संभागीय मुख्यालय से लगे जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है, क्योंकि यह जिला राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी का गृह जिला है। जहां पर जिला बनने के बाद से हर क्षेत्र में विकास हो रहे हैं। वहीं शिक्षा से ही विकास और खुद की तरक्की की इबारत लिखी जाती है। जिसे लेकर कुछ दिन पहले ही पदस्थ हुए जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी पूर्ण करने का प्रयास कर रहे हैं।
पदस्थ होने के पश्चात जिले के स्कूलों के प्राचार्यों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयकों की बैठक में शैक्षणिक सत्र 2025–26 के बोर्ड परीक्षा के परिणामों पर चर्चा की थी।आगामी बोर्ड परीक्षा में जिले में बेहतर परीक्षा परिणाम लाने के लिए बिलासपुर जिले के तखतपुर व बिल्हा में अपने किए गए प्रयासों से भी को अवगत कराया और निर्देशित किया कि शालेय कैलेंडर का निर्माण करते हुए योजना बद्ध रूप से कार्यक्रम तय कर विषय शिक्षकों से दैयनंदिनी का प्रतिदिन अवलोकन करने तथा शाला प्रबंधन एवं विकास समिति (एसएमडीसी) की बैठक में पलकों को आमंत्रित कर बच्चों के स्तर से अवगत कराने को कहा गया। हम सभी मिलकर शिक्षा गुणवत्ता एवं परीक्षा परिणाम को अच्छा करने का प्रयास करेंगे और जिन विद्यालय का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत आएगा उन्हें हम पुरस्कृत करने का काम भी हम करेंगे। औचक निरीक्षण करने के साथ शिक्षकों की कार्यप्रणाली शिक्षकों की कार्य प्रणाली बच्चों से किए गए सवाल जवाब से डीईओ रजनीश तिवारी आकलन कर लेते हैं। जिले के स्कूलों का दौरा कर बच्चों और शिक्षक का क्लास ले चुके हैं। वही इस क्रम को लगातार जारी रखे हुए हैं।डीईओ रजनीश तिवारी ने सर्वव्यापी से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने जो जिम्मेदारी दी है ,उसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है और बच्चों को बेहतर सर्व सुविधा युक्त शिक्षा मिले इस दिशा में लगातार प्रयास भी किया जा रहा है । वहीं जिला बनने के बाद से ही इस क्षेत्र में शिक्षा का लगातार विस्तार हुआ है और हम सभी का यह प्रयास भी रहेगा कि प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी तक के बच्चों को तमाम विषय के शिक्षकों का लाभ मिले और इसके लिए शिक्षा विभाग उच्च स्तरीय काम भी कर रहा है।