विकास नंद /सर्वव्यापी/
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद छत्तीसगढ़ को 600 करोड़ रुपये की बहुप्रतीक्षित सड़क परियोजनाओं की सौगात मिली है। यह मंजूरी केन्द्रीय सड़क निधि (CRF) के अंतर्गत दी गई है, जिससे राज्य में विभिन्न सड़कों के निर्माण और उन्नयन का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
बैठक में स्टेट कैपिटल रीजन के अंतर्गत आने वाले दो लेन मार्गों को चार लेन में परिवर्तित करने की योजना को भी हरी झंडी मिल गई है। राजधानी रायपुर में यातायात दबाव कम करने के लिए चार बड़े नए पुलों का निर्माण प्रस्तावित है, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही किया जाएगा। साथ ही, रायपुर से अन्य जिलों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़कों को भी फोर लेन में बदला जाएगा, जिससे आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।
बैठक में तय हुआ कि राज्य की सभी प्रस्तावित सड़क योजनाएं अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ के माध्यम से भेजी जाएंगी, जिससे मंजूरी की प्रक्रिया तेज हो सके।
गडकरी ने रायपुर (आरंग) से बिलासपुर (दर्री) तक प्रस्तावित 95 किमी लंबी छह लेन सड़क और नागपुर-रायपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे के लिए डीपीआर शीघ्र भेजने को कहा।कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं को आज की बैठक में स्वीकृति भी प्राप्त हुई, जिनमें शामिल हैं:राष्ट्रीय राजमार्ग 130 ए, 43 और 30 में कुल 115.95 करोड़ रुपये के उन्नयन, रेजिंग और मजबूतीकरण कार्य।
बिलासपुर शहर के भीतर 15 किमी नई सड़क निर्माण।कटनी-गुमला मार्ग पर 11 किमी सड़क विकास।केशकाल क्षेत्र में 4 किमी सड़क मजबूतीकरण, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा।
इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ रुपये से अधिक की नियोजित परियोजनाओं को जल्द वित्तीय स्वीकृति दिलाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “सड़कें केवल यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि राज्य के विकास, रोज़गार और सामाजिक परिवर्तन का आधार हैं।
‘अँजोर विजन 2047’ के तहत हम छत्तीसगढ़ को पर्यावरण-संवेदनशील और अत्याधुनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ना चाहते हैं।”इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।