विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने राज्य में स्मारकों, किलों और अन्य विरासत संरचनाओं की पहचान और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया है और वर्ष 2020-21 से 2024-25 के दौरान कुल ₹26.24 करोड़ का बजटीय आवंटन किया गया है। यह जानकारी केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में सांसद फूलो देवी नेताम के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
मंत्री शेखावत ने बताया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा वर्ष 2014-15 से 2024-25 तक राज्य के 764 गांवों का सर्वेक्षण किया गया, जिनमें से 73 गांवों में प्राचीन और ऐतिहासिक अवशेषों की पहचान की गई। ये अवशेष छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक हैं।
स्मारकों की मरम्मत और संरक्षण के लिए एएसआई को वर्ष 2020-21 में ₹2.89 करोड़, 2021-22 में ₹4.78 करोड़, 2022-23 में ₹7.50 करोड़, 2023-24 में ₹5.94 करोड़ और 2024-25 में ₹5.13 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हर वर्ष यह राशि पूर्ण रूप से व्यय की गई है।
सरकार की यह पहल देश की मूर्त सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक स्मारकों को सुरक्षित बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है।