राज्यभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल का द्वितीय दिवस – आंदोलन को जन आंदोलन में बदलने की रणनीति तैयार।

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तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के आह्वान पर राज्यभर के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार आज अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन भी पूरी एकजुटता व अनुशासन के साथ डटे रहे।संघ की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर चल रहे इस आंदोलन में आज से एक नई रणनीति के तहत हड़ताल को अधिक प्रभावशाली व जनोन्मुखी स्वरूप दिया जा रहा है। अब यह केवल शासन से मांगों का प्रश्न नहीं, बल्कि जनसेवा की गुणवत्ता, राजस्व प्रणाली की गरिमा और प्रशासनिक संसाधनों के सशक्तिकरण का आंदोलन बन गया है। संघ की आगामी रणनीति के मुख्य बिंदु: “एक दिन – एक मांग” अभियान प्रारंभ होगा, जिसमें प्रतिदिन एक प्रमुख मांग पर जनजागृति लाई जाएगी। “जानो हमारा काम” सीरीज के माध्यम से आम नागरिकों को तहसील कार्यालय की कार्यप्रणाली, चुनौतियाँ और संसाधनहीनता की जानकारी दी जाएगी। अन्य संघठन का सहयोग। प्रेरणात्मक वीडियो संदेश और जनता के नाम खुला पत्र अभियान शुरू किया जाएगा। जिला स्तर पर सांकेतिक प्रदर्शन, तख्ती मार्च, कैंडल मार्च और सांस्कृतिक गतिविधियाँ कर जनसमर्थन जुटाया जाएगा।सभी संभागों में मीडिया प्रवक्ता दल नियुक्त कर प्रेस से सतत संवाद रखा जाएगा। अंततः “संघर्ष से समाधान तक” शीर्षक से एक दस्तावेज़ भी तैयार किया जा रहा है जिसमें समस्याओं, मांगों और व्यावहारिक समाधानों को संकलित किया जाएगा।संघ की यह दृढ़ मान्यता है कि इस आंदोलन का उद्देश्य काम का बहिष्कार नहीं, बल्कि सजग और समर्थ राजस्व तंत्र की स्थापना है। जब तक शासन सकारात्मक पहल नहीं करता, यह आंदोलन जारी रहेगा।“यह लड़ाई सिर्फ हमारी नहीं, छत्तीसगढ़ की व्यवस्था और जनहित की है।संघ सभी अधिकारी साथियों से संयम, अनुशासन व आत्मबल बनाए रखने की अपील करता है।हड़ताल मर्यादित व प्रभावी ढंग से तब तक जारी रहेगी जब तक शासन हमारी वाजिब मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता।


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