तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
आज भारत देश के महान राजनेता, अद्भुत ओजस्वी वक्ता, साहित्य के रचनाकार, सब मन ला अपन सहज व्यवहार अऊ जनहितकारी नीति ले बांधे वाला छत्तीसगढ़ राज्य निर्माता, भूतपूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी बाजपेयी जी के पुण्यतिथि आय। अटल जी मन ला सिरिफ प्रधानमंत्री के रूप मं याद नई कर सकय जावत, उंकर असली पहचान एक ठन बेदाग, निष्पक्ष अऊ दूरदर्शी नेता के रूप मं रहिस।सन 2000 मं अटल जी के पहल अऊ दूरदर्शी सोच के कारण हमर छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश ले अलग होके, एक नवा राज्य के रूप मं अस्तित्व मं आइस। अटल जी ला भरोसा रहिस कि छत्तीसगढ़ के किसान, मजदूर, आदिवासी, श्रमिक अऊ नवजवान मन अपन मेहेनत अऊ अपन संस्कृति के बल मं छत्तीसगढ़ ला देश के सशक्त राज्य बनाहीं। उंकर सपना रहिस “छत्तीसगढ़ मा विकास के नवा अध्याय लिखे जाही।”फेर , पाछू 25 बछर के यात्रा ला देखथन त हमर छत्तीसगढ़ बहुत कुछ हासिल करे हवय, फेर अटल जी के सोच के अनुरूप बनेच सुग्घर विकास के मंजिल अभी दूर लगथे। प्राकृतिक संपदा ले भरपूर, जल-जंगल-जमीन मा धनी छत्तीसगढ़, आज घलो गरीब किसान अऊ आदिवासी मन के अश्रु गाथा ला लुकाए हे। अटल जी चाहत रहिन कि इहां के संसाधन के असली मालिक ग्रामीण अऊ आदिवासी ला न्याय मिलय, फेर ये सपना आज घलो अधूरा लगथे।अटल जी ला विश्वास रहिस कि सत्ता अऊ विपक्ष, दुवारे के राजनेता मन ला छत्तीसगढ़ के विकास खातिर एक संग काम करना चाही। फेर आज 25 बछर बाद घलो राजनीति मं खींचतान अऊ व्यक्तिगत स्वार्थ के परछाईं साफ दिखथे।आज अटल जी के पुण्यतिथि मं हम सब ला इही संकल्प लेना चाही कि अटल जी के सपना के छत्तीसगढ़ गढ़ेबर सबो मिलके आगू बढ़न। छत्तीसगढ़ के हर एक किसान, मजदूर, बछरू, नवजवान अऊ माय-बहिनी मन ला अपन हक अऊ सम्मान मिलय। तबे अटल जी के आत्मा ला सच्चा श्रद्धांजलि मिलही।अटल जी कहे रहिन के “राजनीति सत्ता के खेल नई होवय, वो ह जनता के सेवा के माध्यम आय।” आज उंकर ये वाक्य हमर छत्तीसगढ़ बर दिशा-निर्देश बने हे।