किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें, खेतों में पड़ी दरारें, खण्ड वर्षा से फसलें सूखने के कगार पर।

Share Now

तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ के गांव–गांव में किसान आजकल आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। कभी तेज बरसात तो कभी लम्बा सूखा पड़ने से खेतों में दरारें पड़ गई हैं। खण्ड वर्षा की इस स्थिति ने खरीफ की फसलों को चौपट कर दिया है।धान, मक्का और अरहर जैसी फसलें पानी के अभाव में सूखने लगी हैं। जिन किसानों ने कर्ज लेकर बीज, खाद और कीटनाशक खरीदे थे, उनकी उम्मीदें अब मुरझाने लगी हैं। ग्रामीण इलाकों में खेतों का दृश्य किसी सूखे की मार झेल रहे प्रदेश की तस्वीर बयां कर रहा है।किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी और संतुलित वर्षा नहीं हुई, तो बोवाई पर किया गया खर्च डूब जाएगा और उनकी आजीविका पर बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।खेती किसानी पर निर्भर परिवार अब सरकारी मदद की आस लगाए बैठे हैं। कृषि विभाग के अफसरों का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है, लेकिन किसान मानते हैं कि सिर्फ ‘नजर’ से पेट नहीं भरता, उन्हें तत्काल राहत और सिंचाई के ठोस इंतज़ाम की जरूरत है।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!