विकास नंद/ सर्वव्यापी/
स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधि एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी शिक्षण कार्य को कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु बनाएं और विद्यालयों की नियमित निगरानी करें।
मंत्री यादव आज मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रत्येक शाला की स्थिति की अद्यतन जानकारी होनी चाहिए। इसके लिए उन्हें स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर शिक्षकों और प्राचार्यों से संवाद करते रहना होगा।
उन्होंने शिक्षकीय प्रशिक्षण के लिए वार्षिक कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए और कहा कि प्रशिक्षण ग्रीष्मकालीन अवकाश में ही आयोजित किए जाएं।
इस दौरान शिक्षकों को नई तकनीकों, नवाचारों और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना जरूरी है।
यादव ने अधिकारियों को आपसी समन्वय और टीम भावना से काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों को तभी प्रभावी बनाया जा सकता है जब अधिकारी, शिक्षक और विद्यालय प्रबंधन मिलकर साझा दृष्टिकोण के साथ काम करें।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने विभागीय योजनाओं और संरचना की जानकारी पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से दी। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु जी पिल्ले सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।