विकास नंद /सर्वव्यापी/
भारत सरकार नई दिल्ली की संयुक्त सचिव एवं आकांक्षी जिला कार्यक्रम की केन्द्रीय प्रभारी अधिकारी अलरमेलमंगई डी ने आज पिथौरा विकासखण्ड के ग्राम गोड़बहाल का दौरा कर विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन और आधारभूत संरचना में हो रही प्रगति का आकलन किया।
अलरमेलमंगई डी ने कहा कि महासमुंद में सभी विभागों के समन्वित प्रयास से नीति आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हुआ है, लेकिन अभी और तेजी से सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने सभी संकेतकों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने और उनकी अनिवार्य रूप से पोर्टल पर ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ग्राम गोड़बहाल में महिला स्व-सहायता समूहों के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने फ्लाई ऐश ईंट निर्माण, मिट्टीकला और दुग्ध उत्पादन जैसी गतिविधियों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्पादों के प्रचार-प्रसार और विपणन के लिए स्थानीय तथा राजधानी स्तर पर आउटलेट खोले जा सकते हैं।स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने अधिकारियों को कुपोषित बच्चों की पहचान, सघन मॉनिटरिंग, पोषण ट्रैकर से निगरानी और न्यू बॉर्न केयर यूनिट की सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए।
साथ ही मितानिन, महिला एवं बाल विकास और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय से डेटा संकलन करने को कहा।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने जिले की प्रगति प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जिले में शिक्षा, स्वच्छता, जल प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में निरंतर कार्य हो रहा है। जिले की 55 ग्राम पंचायतें ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित हो चुकी हैं, 98 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं और 84 प्रतिशत परिवारों को फंक्शनल नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।महिला सशक्तिकरण की दिशा में 6 स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों के लिए ट्रेडमार्क प्राप्त किया है।
कृषि क्षेत्र में पिथौरा ब्लॉक के 27,461 किसानों को 176.35 करोड़ रुपये का केसीसी ऋण वितरित किया गया है तथा 23,000 किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
डिजिटल और वित्तीय समावेशन के लिए ब्लॉक में 614 बैंकिंग टच पॉइंट कार्यरत हैं। साथ ही 86 प्रतिशत से अधिक नागरिकों के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए जा चुके हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में पिथौरा विकासखण्ड को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राज्य स्तर पर सिल्वर मेडल और जिला स्तर पर ताम्र पदक से सम्मानित किया गया है।