छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की पहली महिला अध्यक्ष बनीं रीता शांडिल्य।

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रीता शांडिल्य (2002 बैच) को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब प्रदेश के लोक सेवा आयोग की कमान किसी महिला अधिकारी के हाथों में सौंपी गई है।रीता शांडिल्य 2002 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी रही हैं। उन्होंने लंबे समय तक राज्य प्रशासन के विभिन्न विभागों में जिम्मेदार पदों पर कार्य करते हुए अपनी दक्षता और ईमानदार छवि से पहचान बनाई। शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास सहित कई अहम विभागों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा।सेवा निवृत्ति के बाद भी वे सामाजिक कार्यों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ी रही हैं।छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग राज्य की सबसे प्रतिष्ठित संस्था है, जिसका दायित्व राज्य प्रशासनिक सेवाओं और अन्य शासकीय पदों पर भर्ती करना है। आयोग की अध्यक्षता का पद अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण और संवैधानिक है।रीता शांडिल्य की नियुक्ति से न केवल आयोग में नई ऊर्जा और पारदर्शिता की उम्मीद की जा रही है बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का एक नया अध्याय भी जुड़ गया है।प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी महिला को यह दायित्व सौंपा गया है। प्रशासनिक क्षेत्र में लंबे अनुभव और दृढ़ कार्यशैली के कारण उनसे आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार और युवा अभ्यर्थियों के लिए बेहतर माहौल की अपेक्षा की जा रही है।राज्य के सामाजिक एवं शैक्षणिक जगत में इसे महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हमेशा महिलाओं को प्रशासनिक और राजनीतिक क्षेत्र में आगे बढ़ाने की बात कही है। रीता शांडिल्य की नियुक्ति इसी दिशा में एक ठोस कदम है। इससे यह संदेश गया है कि सरकार सक्षम महिलाओं को उच्च पदों पर जिम्मेदारी देने में विश्वास रखती है।


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