तरुण कौशिक/ संपादक/
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहली विदेश यात्रा को लेकर प्रदेश में बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सचिवालय से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस दौरे पर लगभग 40 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आया है।प्रदेश की जनता अब सवाल उठा रही है कि आखिर इस खर्च का नतीजा क्या होगा?
क्या मुख्यमंत्री विदेश से लौटकर छत्तीसगढ़ के लिए निवेश, उद्योग और रोजगार के अवसर लेकर आएंगे या फिर यह यात्रा भी पूर्व मुख्यमंत्रियों की तरह केवल सैर-सपाटा तक सीमित रह जाएगी।
राजनीतिक हलकों में भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि सरकार जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा विकास कार्यों पर लगाने की बजाय भव्य विदेश यात्राओं में उड़ाने में लगी है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस प्रकार की यात्राएं केवल दिखावा होती हैं, जिनसे आम जनता को कोई फायदा नहीं मिलता।
वहीं सत्ता पक्ष का बचाव है कि मुख्यमंत्री की यह यात्रा प्रदेश के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का दावा है कि इस दौरे से छत्तीसगढ़ में निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, नए उद्योग लगेंगे और राज्य को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
अब पूरे प्रदेश की निगाहें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की वापसी पर टिकी हैं। जनता को इंतजार है कि यह 4 करोड़ की विदेश यात्रा छत्तीसगढ़ को कोई ठोस लाभ दिलाएगी या फिर करोड़ों रुपये खर्च कर दी गई यह यात्रा महज़ एक सैर-सपाटा साबित होगी।