तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
बिलासपुर जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष बने राजेश सुर्यवंशी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही अलग पहचान बनाई है। आमतौर पर जनप्रतिनिधि विभिन्न कार्यक्रमों और औपचारिक बैठकों में व्यस्त रहते हैं, लेकिन सुर्यवंशी ने यह परंपरा तोड़कर जनता के बीच सीधा संवाद कायम किया है।वे प्रतिदिन सुबह 11 बजे से लेकर देर शाम तक जिला पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से बैठते हैं और जिलेवासियों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुनते हैं। चाहे ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क-सुविधा हो, बिजली-पानी की समस्या, रोजगार संबंधी मुद्दे या शिक्षा-स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानी , अध्यक्ष हर समस्या का गंभीरता से संज्ञान लेकर उसका तत्काल और संभव समाधान करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।इस पहल से आम जनता में एक सकारात्मक संदेश गया है कि जिला पंचायत वास्तव में जनता के लिए है। लोग बिना किसी सिफारिश या माध्यम के सीधे अपने अध्यक्ष तक पहुँचकर अपनी बात रख पा रहे हैं। ग्रामीण अंचल के लोग इसे ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं और कहते हैं कि लंबे समय बाद कोई जनप्रतिनिधि वास्तव में जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दे रहा है। लोगों का कहना है कि यह कार्यप्रणाली न केवल जिला पंचायत की साख और पारदर्शिता को मजबूत करेगी, बल्कि अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक मिसाल साबित होगी।