विकास नंद/ सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग कार्यालय रायपुर में आज महिला उत्पीड़न से संबंधित विभिन्न शिकायतों की सुनवाई की गई। आयोग की पहल से कई मामलों में पीड़ित पक्षों को राहत और न्याय मिला।
सुनवाई के दौरान अलग-अलग रह रहे शासकीय शिक्षक दंपत्ति को आयोग ने समझाइश दी, जिसके परिणामस्वरूप पति-पत्नी अपने 8 वर्षीय बच्चे के साथ पुनः साथ रहने के लिए राज़ी हुए।
आयोग के इस प्रयास से न केवल परिवार में खुशहाली लौटेगी, बल्कि बच्चे के भविष्य की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
इसके अलावा, फर्टिलिटी सेंटर के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ भी आयोग ने सख्त रुख अपनाया। आयोग ने आवेदिका को कानूनी कार्यवाही करने का अधिकार दिया है, जिससे पीड़ित महिला को न्याय की दिशा में ठोस कदम उठाने का अवसर मिलेगा।
महिला आयोग की इस पहल ने पुनः यह साबित किया है कि आयोग महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करता है।