रायपुर/ ब्यूरो सर्वव्यापी/
बलौदाबाजार हिंसा मामले में जेल में बंद कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की रिहाई के बाद सड़क पर जश्न मनाना कांग्रेस नेताओं को महंगा पड़ा है।रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर रिहाई के बाद कांग्रेस नेताओं द्वारा जश्न मनाने के मामले में गंज थाना क्षेत्र में दोपहर को एफआइआर दर्ज की गई है।एफआईआर में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, पीसीसी महामंत्री सुबोध हरितवाल और अन्य 13 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन नेताओं के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर जश्न मनाने और कानून व्यवस्था की स्थिति बिगाड़ने का आरोप है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बीते शुक्रवार को रिहाई हुई। इसके बाद सैकड़ों की भीड़ एक्ट्ठा हो गई। रोड जाम कर दी गई। तकरीबन एक घंटे से ज्यादा समय तक यही हाल रहा। जैसे ही देवेंद्र बाहर निकले इस दौरान सभी धक्का मुक्की करने लगे। पुलिस से भी धक्का मुक्की हुई।यहां तक बेरीकेटिंग को भी तोड़ दिया गया। जिसमें कुछ लोगों को चोट भी आई है। बाहर निकलने के बाद देवेंद्र यादव ने बीच रोड में कार में पर खड़े होकर 20 मिनट तक भाषण बाजी की। वहीं इस एफआईआर दर्ज को लेकर आम जनता का कहना है कि जब देवेन्द्र यादव और उनके समर्थकों पर रास्ता जाम करने के मामले पर एफआईआर दर्ज किया गया है तो अब भविष्य में रास्ता में मंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति के आवागमन के दौरान राहगीरों को रोककर जाम करने के साथ ही विभिन्न सामाजिक, धार्मिक संगठनों द्वारा रैली निकालने पर रास्ता जाम होने पर एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए क्योंकि अब तक इस तरह का एफआईआर दर्ज नहीं किया गया है लेकिन जेल से बाहर निकालने के बाद किसके इशारे पर एफआईआर दर्ज किया गया समझ से परे है, आखिर रास्ता जाम करने पर किसने एफआईआर दर्ज कराई है,इसका जवाब पुलिस प्रशासन को देना चाहिए। ——–//——एफआईआर में जिन नेताओं के नाम1. देवेंद्र यादव (कांग्रेस विधायक)2. सुबोध हरितवाल (पीसीसी महामंत्री)3. शांतनु झा4. आकाश शर्मा (यूथ कांग्रेस अध्यक्ष)5. शोएब ढेबर6. अतीक मेमन7. फराज8. फरदीन खोखर9. अनवर हुसैन10. शेख वसीम11. नीता लोधी12. बाबी पांडे13. शिबली मेराज खान