तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
राजधानी रायपुर से लेकर दिल्ली तक इन दिनों राजनीतिक गलियारों में एक अनोखी चर्चा तैर रही है। कहा जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार के एक प्रभावशाली नेता को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का “दत्तक पुत्र” बताने की फुसफुसाहटें बढ़ गई हैं।हालांकि इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है, परंतु राजनीति में हवा का रुख बदलते देर कहाँ लगती है। भाजपा के भीतर, विपक्ष की बैठकों में और यहां तक कि प्रशासनिक दफ्तरों की चाय-नाश्ते वाली चर्चाओं में भी यही सवाल उठ रहा है आखिर यह ‘चहेते’ नेता कौन हैं ?राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि जिस नेता का नाम लोग अनुमान लगा रहे हैं, वे केंद्र से लेकर राज्य तक लगातार सक्रिय दिखते हैं, और उनकी हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर राजनीतिक पंडितों की खास नजर रहती है।राजनीतिज्ञों का कहना है कि छत्तीसगढ़ की राजनीति इन दिनों केवल रणनीति से नहीं, बल्कि उपमा और उपाधियों से भी चल रही है। जिसने भी यह ‘दत्तक पुत्र’ वाला खिताब ईजाद किया है, उसने चर्चा में रहना जरूर सीख लिया है।दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों ने इस प्रकार की बातों को केवल राजनीतिक रंगमंच का हल्का मनोरंजन बताया है। कोई भी अधिकारी या नेता इस विषय पर आधिकारिक रूप से प्रतिक्रिया देने को तैयार नहीं है, जिससे चर्चा और दिलचस्प हो गई है। फिलहाल सच क्या है, इसका जवाब किसी के पास नहीं…पर चर्चा किसकी है, इसका उत्तर हर गलियारे में मौजूद है, बस नाम कोई नहीं लेता…!


