तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर जिले के कोनी में नया सर्वसुविधायुक्त संभागायुक्त कार्यालय भवन तैयार होकर पूरी तरह संचालित हो चुका है। आधुनिक सुविधाओं से सजा यह दफ्तर प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से बनाया गया है, लेकिन कार्यालय शुरू होने के साथ ही बिलासपुर संभागवासियों से लेकर कर्मचारियों तक सभी को यहां पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य समस्या यह है कि दफ्तर के सामने न तो सिटी बसों का स्टॉप निर्धारित है और न ही अन्य यात्री बसों को रुकने की अनुमति दी गई है, जिसके कारण लोगों को सड़क किनारे असुरक्षित तरीके से उतरना पड़ता है। इससे अव्यवस्था के साथ-साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर गतिरोधक (स्पीड ब्रेकर) न होने से तेज रफ्तार वाहन लगातार बड़े खतरे का कारण बन रहे हैं, जबकि यह मार्ग बिलासपुर-कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही और रतनपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हाईवे है, जहां हर समय भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। नागरिकों का कहना है कि नया कार्यालय बनाना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन सुविधाओं तक पहुंच की सुगमता बेहद जरूरी है। इसलिए प्रशासन जल्द से जल्द सिटी बस एवं अन्य बसों के लिए स्टॉपेज तय करे, सड़क पर गतिरोधक बनाए और सुरक्षा संकेत लगाए, ताकि कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिल सके।


