सीता बनाफर/सर्वव्यापी/गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/
देश एवं प्रदेश सहित जीपीएम जिले का भी शायद ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होगा जिसने आधार केंद्रों के चक्कर न लगाए हों l जहां एक ओर शासन-प्रशासन द्वारा केवाईसी के नाम पर हर उम्र के व्यक्तियों को परेशान किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आधार केंद्रों में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने वातानुकूलित कमरों में बैठे प्रशासनिक अधिकारी नाकाम साबित हो रहे हैं l जिसके कारण आधार केंद्रों में लगातार अवैध वसूली का खेल हिडन मोड पर फल-फूल रहा है l आधार केंद्रों में ऐसा कोई काम नहीं जो ₹100 से कम में होता हो पर ऊपर लेने की सीमा तय नहीं है l गरीब एवं श्रम जीवी लोग सभी काम धंधे छोड़ कई-कई दिनों तक आधार केंद्रों के चक़्कर काटते हैं l आधार केवाईसी को लेकर हर वर्ग परेशान-आधार केवाईसी को लेकर समाज का हर वर्ग हताश, निराश और परेशान है चाहे वह बच्चे हों, जवान हों, बूढ़े हों, बीमार हो, शिक्षक हो, विद्यार्थी हो, पेंशन भोगी हो, बैंक ग्राहक हो, गर्भवती महिलाएं हों, आवास हितग्राही हों या फिर महतारी वंदन योजना का लाभार्थी l यही कारण है कि लोग अवैध वसूली का आसानी से शिकार हो रहे हैं lजनजाति बहुल जिलों में जागरूकता का अभाव -जीपीएम जिला अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिला होने के कारण लोगों में जागरूकता की भारी कमी है जिसका फायदा आधार केंद्र संचालकों द्वारा उठाया जाता है l केंद्र ऑपरेटर जितना राशि की मांग करता है ग्राहक बिना मोल-भाव के उतनी ही राशि दे देता है l आदिवासी ग्रामीणों को ना टोल फ्री नंबर 1947 की जानकारी होती है, ना ही वेबसाइट और अधिकारियों की संपर्क सूत्र की जानकारी l आधार जितनी बार रिजेक्ट होता है उतने बार ही ग्राहक पैसा देता है l यही कारण है की शिकायत अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाते हैं lअधिकारी नहीं करते आधार केंद्रों का निरीक्षण-आधार केंद्रों का संचालन चढ़ावे की बुनियाद पर टिका है, यही कारण है की वातानुकूलित कमरों पर बैठे अधिकारी केंद्रों का निरीक्षण नहीं करते हैं l चढ़ावे के वजन की कमी होने पर कुछ केंद्रों पर कभी-कभी नकेल कस दी जाती है lआधार केंद्रों की भौतिक केवाईसी की जरूरत-चढ़ावे के आधार पर कुछ आधार केंद्र संचालक एक केंद्र पर एक से अधिक आईडी जेनरेट अपने रिश्तेदारों के नाम पर कराकर अवैध वसूली पर चार-चांद लगा रहे हैं, जिनका मौके पर जाकर भौतिक रूप से केवाईसी करने की आवश्यकता है lआधार केंद्रों पर अनिवार्य हो जरुरी बातें – आम आदमी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जानकारों से बातचीत के आधार पर ज्ञात हुआ कि निम्न बातें आधार केंद्रों पर अनिवार्य करनी चाहिए -1. पंजीयन एवं करेक्शन संबंधी फीस की राशि का विवरण केन्द्र पर चस्पा हो l तय सीमा से अधिक राशि लेने पर तत्काल कार्रवाई हो l2. जिला एवं अनुभाग स्तर के अधिकारियों का संपर्क सूत्र एवं टोल फ्री नंबर की जानकारी केंद्रों पर चश्पा करना अनिवार्य हो l 3. केंद्रों में दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को प्राथमिकता दिया जाये l