विकास नंद/ सर्वव्यापी/
सरायपाली नगर के अंदर से गुजरने वाले भारी मालवाहक वाहन अब आम नागरिकों के लिए यमराज साबित हो रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता और ठोस ट्रैफिक व्यवस्था के अभाव में सड़क हादसों की आशंका लगातार बढ़ती जा रही है। नगर की ट्रैफिक व्यवस्था लोगों के लिए काल बनती जा रही है, जिससे आमजन में भारी रोष व्याप्त है।सरायपाली नगर में गौरव पथ का निर्माण तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद शहर के भीतर से भारी मालवाहक वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही सुचारू यातायात के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। संकरी सड़कों, भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्रों और स्कूल-कॉलेजों के आसपास से गुजरने वाले ट्रक, ट्रेलर और अन्य भारी वाहन हर समय दुर्घटना का खतरा पैदा कर रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह-शाम के व्यस्त समय में भारी वाहनों के कारण जाम की स्थिति बन जाती है। पैदल चलने वालों, बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार हादसे होते-होते बचे हैं, वहीं कुछ मामलों में लोगों की जान तक जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।नगरवासियों और सामाजिक संगठनों द्वारा लगातार मांग की जा रही है कि भारी वाहनों के लिए शहर में नो एंट्री लागू की जाए। वैकल्पिक बायपास मार्ग का उपयोग कर भारी वाहनों को शहर के बाहर से निकाला जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और आम लोगों को सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में हालात और भी भयावह हो सकते हैं। नगरवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने, ट्रैफिक नियमों को सख्ती से लागू करने और भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है, ताकि शहर की सड़कों को फिर से सुरक्षित बनाया जा सके।