तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ विधानसभा में उपाध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। वर्तमान में विधानसभा अध्यक्ष के रूप में डॉ. रमन सिंह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन उपाध्यक्ष का पद अब तक रिक्त होना राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा उपाध्यक्ष की दौड़ में कई वरिष्ठ और प्रभावशाली विधायकों के नाम सामने आ रहे हैं। इनमें वरिष्ठ विधायक पुन्नू लाल मोहले, पूर्व मंत्री एवं अनुभवी विधायक राजेश मूणत, वरिष्ठ नेता सुनील सोनी के साथ ही महिला प्रतिनिधित्व के रूप में विधायक लता उसेंडी का नाम प्रमुखता से चर्चा में है। पार्टी के भीतर यह भी माना जा रहा है कि महिला विधायक को अवसर देकर संगठन सामाजिक संतुलन का संदेश दे सकता है।इसी कड़ी में एक अहम नाम और जुड़ गया है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक भी उपाध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल हैं। उनके लंबे संसदीय अनुभव और सदन संचालन की गहरी समझ को देखते हुए उनके नाम को गंभीरता से लिया जा रहा है।राजनीतिज्ञों की मानें तो भाजपा नेतृत्व के सामने इस पद के लिए चयन आसान नहीं है। क्षेत्रीय संतुलन, वरिष्ठता, संगठनात्मक निष्ठा और सामाजिक समीकरण इन सभी पहलुओं को साधना पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। वहीं विपक्ष इस देरी को लोकतांत्रिक परंपराओं से जोड़कर सरकार पर सवाल दाग रहा है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कब छत्तीसगढ़ विधानसभा को मिलेगा उसका उपाध्यक्ष? क्या आने वाले सत्र से पहले इस संवैधानिक पद पर फैसला होगा या फिर यह पद अभी और समय तक राजनीतिक चर्चा का विषय बना रहेगा,इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।