विकास नंद/ सर्वव्यापी/

मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में प्रत्येक पात्र व्यक्ति को आधार कार्ड उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आधार नामांकन, अपडेशन, वेरिफिकेशन एवं अन्य संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित बैठक के दौरान एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों में आधार नामांकन, अपडेशन एवं उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में दर्ज शत-प्रतिशत बच्चों का आधार अनिवार्य रूप से बनाया जाए। इसके लिए अधिकारियों को रणनीतिक एवं योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए।मुख्य सचिव ने कहा कि स्कूलों के विद्यार्थियों की सूची तैयार की जाए, जिसमें यह स्पष्ट हो कि कितने बच्चों का आधार बन चुका है और किनका अभी शेष है। शेष बच्चों के लिए आगामी माह विशेष शिविर लगाकर आधार नामांकन एवं अपडेशन का कार्य पूर्ण किया जाए।उन्होंने कलेक्टरों को निर्देशित किया कि आधार नामांकन, अपडेशन एवं उपलब्धता की निरंतर समीक्षा सुनिश्चित करें। शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत, नगर पालिका एवं नगर निगम स्तर पर आधार कार्य के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह कार्य पंचायत स्तर पर प्रभावी रूप से संचालित करने को कहा गया।
बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी तथा आईटी विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीईओ चिप्स प्रभात मलिक, स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम, स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त सचिव संतन देवी जांगड़े सहित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।