तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
भारतीय वन सेवा (IFS) 2020 बैच की युवा और ऊर्जावान अफसर ग्रीष्मी चांद की पहली पदस्थापना बीते आठ माह पूर्व मरवाही वन मंडल में वन मंडलाधिकारी (DFO) के रूप में हुई है। पहली ही जिम्मेदारी में उन्होंने जिस आत्मविश्वास, प्रशासनिक सख़्ती और कार्यकुशलता का परिचय दिया है, उससे मरवाही वन मंडल में बदलाव की नई उम्मीदें जगी हैं।गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले का यह वन मंडल भौगोलिक, जैव विविधता और संवेदनशीलता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में एक युवा महिला अफसर की नियुक्ति को शासन की दूरदर्शी सोच के रूप में देखा जा रहा है। पदस्थापना के बाद से ही ग्रीष्मी चांद ने वन संरक्षण, अवैध कटाई पर नियंत्रण, विभागीय अनुशासन और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है।सूत्रों के अनुसार, बीते आठ महीनों में उन्होंने न सिर्फ फील्ड स्तर पर सक्रियता दिखाई है, बल्कि कर्मचारियों में जवाबदेही और पारदर्शिता की भावना भी मजबूत की है। वन एवं पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शासन की मंशा के अनुरूप जनहित और विकास के संतुलन को साधने की उनकी कोशिशें अब साफ़ तौर पर नजर आने लगी हैं।कुल मिलाकर, मरवाही वन मंडल में IFS अफसर ग्रीष्मी चांद की पहली पदस्थापना को एक नए प्रशासनिक अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जहां युवा नेतृत्व से बेहतर व्यवस्था और सख़्त कार्यसंस्कृति की उम्मीद बंधी है।