तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ शासन के महानदी मंत्रालय में पदस्थ महिला निज सचिव ज्योति बंजारे न केवल अपने प्रशासनिक दायित्वों का कुशलता से निर्वहन कर रही हैं, बल्कि छत्तीसगढ़ की मूल बोली छत्तीसगढ़ी भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार में भी उल्लेखनीय भूमिका निभा रही हैं।आधुनिक प्रशासनिक कार्यप्रणाली के बीच ज्योति बंजारे द्वारा मातृभाषा को सम्मान दिलाने का प्रयास सराहनीय है। वे कार्यालयीन व्यवहार, संवाद और सामाजिक मंचों पर छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रयोग को प्रोत्साहित कर रही हैं, जिससे आमजन स्वयं को शासन-प्रशासन से अधिक जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है।महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक चेतना का यह संगम यह संदेश देता है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपनी संस्कृति और भाषा को जीवंत रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। ज्योति बंजारे का यह प्रयास निश्चित ही आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा और छत्तीसगढ़ी भाषा को नई पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।