तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर की मुख्य सड़कें आज विकास की नहीं, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रही हैं। जगह-जगह गड्ढों में तब्दील सड़कें, उखड़ी डामर परत और बरसात में कीचड़ व जलभराव ने आम नागरिकों का चलना-फिरना दूभर कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि रोजाना दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीर भी हादसों के साए में सफर करने को मजबूर हैं।सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर न तो क्षेत्रीय विधायक की नजर पड़ रही है और न ही नगर पालिका परिषद कोई ठोस कदम उठाती दिखाई दे रही है। चुनावी दौर में विकास के वादों की झड़ी लगाने वाले जनप्रतिनिधियों की चुप्पी अब जनता के आक्रोश में बदलती जा रही है।स्थानीय व्यापारियों और रहवासियों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण बाजारों में आवागमन प्रभावित हो रहा है, दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए गए, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा।सवाल यह है कि क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की नींद खुलेगी? तखतपुर की जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल सड़क मरम्मत और स्थायी समाधान की मांग कर रही है।