आखिर कब तक प्रताड़ित होगा प्रतिष्ठित युवक… शिकायत पर पुलिस गंभीर क्यों नहीं…?

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मुंगेली/ जिया खान/ब्यूरो चीफ सर्वव्यापी/

देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला कानून को सख्त बनाकर और एकतरफा एफआईआर दर्ज किए जाने के कारण आज महिला कानून की खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है । जिसके कारण आज कई प्रतिष्ठित परिवार पूरी तरह तबाह हो रहे हैं और मोदी सरकार भी भलि भांति जान चुके हैं कि आज महिला कानून की धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध हो रहे हैं, उसमें 90 प्रतिशत अपराध आपसी रंजिश में किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में एक परिवार अपने मान-सम्मान और पद प्रतिष्ठा को बचाने के लिए बीते 10 -12 वर्षों से एक महिला के समक्ष नतमस्तक होने मजबूर हो चुके हैं और पुलिस, राज्य सरकार से शिकायत करने पर प्रताड़ित पुरुष की शिकायत पत्रों को रद्दी में फेंका जा रहा है। बिलासपुर संभाग के एक जिले के प्रतिष्ठित परिवार के एक युवक पिछले दस-बारह वर्षों से एक महिला का आर्थिक सहयोग करके अपनी बर्बादी का द्वार खोल रखा है । जिसे आज तक महिला कानून के सहारे झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए दुनिया के नजर में पुरुष को महिला द्वारा पति के रुप में बताकर प्रताड़ित करने में लगे हुए हैं । जिसकी शिकायत पीड़ित युवक द्वारा लगातार पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह,भूपेश बघेल के साथ ही वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला,रेंज के साथ ही राज्य पुलिस प्रशासन को न्याय संगत कार्रवाई करने की मांग को लेकर अपनी आपबीती बताते हुए न्याय दिलाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन वाह रे छत्तीसगढ़ सरकार और छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन पीड़ित युवक की शिकायतों को रद्दी में फेंक कर पीड़ित युवक को महिला के हाथों पूर्ण रूप से प्रताड़ित करने के महिला को छुट देने में अहम् भूमिका निभा रहे हैं। वहीं महिला को युवक द्वारा समय पर मांग पूरी नहीं करने पर पुलिस केस करने धमकी दी जाती है और बीते कुछ महीने पहले महिला ने पीड़ित युवक के खिलाफ एसपी से शिकायत कर जेल भेजने की पूरी तैयारी कर चुकी थी लेकिन कुछ सामाजिक पदाधिकारियों के आपसी समझौते के कारण केस , शिकायत को महिला ने कोई कार्रवाई नहीं करने की बात कहकर युवक को जेल जाने से बचा लिया लेकिन एक बार फिर महिला द्वारा पीड़ित युवक और उसके पूरे परिवार को हर महीने 20 हजार रुपए और जमीन खरीद कर मकान बनाकर न देने पर महिला कानून का सहारा लेकर फंसाने की धमकी ही नहीं बल्कि अश्लील गाली गलौज देते हुए मैसेज कर पीड़ित युवक और उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने में लगी हुई है। जिनकी शिकायत पुलिस प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और वही महिला की एक शिकायत पर पुलिस प्रशासन सक्रिय होकर बिना जांच किए पीड़ित युवक को जेल भेजने के लिए तैयार हो जाएंगे लेकिन युवक की शिकायतों को नजर अंदाज किए जाने से यह कहना गलत नहीं होगा कि पुलिस प्रशासन महिला कानून के कारण निर्दोषों को झूठे प्रकरणों में फंसाकर जेल भेजने में अहम् भूमिका निभा रहे हैं। बहरहाल इस पूरे मामले की विस्तृत खबर अपने आगामी अंकों में प्रकाशित करेंगे…!-

——–//———खुदकुशी करने मजबूर हैं युवकवहीं महिला के प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने कई बार आत्महत्या करने की कोशिश कर चुका है और अब पुलिस प्रशासन से शिकायत करने पर भी न्याय संगत कार्रवाई नहीं होने पर युवक खुदकुशी करने मजबूर हो जाएगा क्योंकि महिला के प्रताड़ना से युवक का आर्थिक और मानसिक, सामाजिक तनाव से जिंदगी गुजार रहा है और आखिरी में सहनशीलता खत्म हो जाने पर युवक खुदकुशी करके अपना जीवन लीला समाप्त कर लेगा। जिसकी जिम्मेदारी किसकी होगी,यह आने वाले समय में पता चलेगा।


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