तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
राजनांदगांव शहर के प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने नगर निगम के महापौर मधुसूदन यादव से रेल्वे स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने बने डिवाइडर को तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह डिवाइडर न केवल पार्किंग व्यवस्था में बाधा बन रहा है, बल्कि आम नागरिकों और वाहनों के आवागमन में भी गंभीर परेशानी उत्पन्न कर रहा है।पूर्व पार्षद ओस्तवाल ने महापौर को अवगत कराया कि हाल ही में रेल्वे स्टेशन रोड के निरीक्षण के दौरान यदि नगर निगम के जानकार अधिकारी और शहर की भौगोलिक स्थिति से परिचित नागरिकों को साथ लिया गया होता, तो वास्तविक समस्याओं की सही जानकारी सामने आती। केवल आधी-अधूरी जानकारी (आधा सीसी) के आधार पर निरीक्षण और फोटो खिंचवाकर योजनाएं बनाना शहरहित में नहीं है।उन्होंने बताया कि राजनांदगांव संस्कारधानी शहर में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं वर्तमान लोकसभा सांसद संतोष पांडे के प्रयासों से रेल्वे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 01 को शहर की ओर लाने तथा स्टेशन के समग्र विकास हेतु अमृत योजना के अंतर्गत लगभग 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिसके अंतर्गत विकास कार्य प्रगति पर हैं।ऐसी स्थिति में रेल्वे स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने, विशेषकर गुजरात रेस्टोरेंट और श्री भोजनालय के पास बने डिवाइडर के कारण न तो पर्याप्त पार्किंग स्पेस उपलब्ध है और न ही सुगम यातायात। ओस्तवाल ने मांग की कि इस डिवाइडर को हटाकर सड़क चौड़ी की जाए।उन्होंने यह भी कहा कि रेल्वे स्टेशन के आसपास स्थित शासकीय नजूल भूमि एवं नगर निगम की भूमि को स्पष्ट रूप से चिन्हांकित कराया जाए तथा प्लेटफॉर्म नंबर 01 को ध्यान में रखते हुए रेल्वे स्टेशन से दिल्ली दरवाजा गेट तक सड़क चौड़ीकरण, नई डामरीकरण, सुव्यवस्थित पार्किंग, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के साथ एक समग्र कार्ययोजना बनाई जाए।हेमंत ओस्तवाल ने जोर देते हुए कहा कि राजनांदगांव बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए शहर का पहला दृश्य होता है। इसलिए रेल्वे स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने की सड़क ऐसी होनी चाहिए, जो संस्कारधानी की पहचान को दर्शाए।उन्होंने महापौर से अपील की कि 2031 मास्टर प्लान को ध्यान में रखते हुए, आने वाले 50 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना बनाई जाए, न कि केवल तात्कालिक दिखावे के लिए 50 घंटे की योजनाएं। साथ ही उन्होंने तत्काल डिवाइडर हटाने का आदेश जारी करने की मांग की।