धरने की अनुमति पर चुप्पी: एसडीएम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग…कलेक्टर से शिकायत, मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को भी भेजा पत्र – ओस्तवाल।

Share Now

तरुण कौशिक/संपादक ,सर्वव्यापी/

धरने की अनुमति संबंधी आवेदन पर कोई जवाब न देने को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने राजनांदगांव के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ओस्तवाल ने इस संबंध में कलेक्टर के साथ-साथ छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर एसडीएम को तत्काल पद से हटाने एवं स्थानांतरण करने की मांग की है।हेमंत ओस्तवाल ने बताया कि जनहित के मुद्दों को लेकर उन्होंने 05 फरवरी 2026 को तहसील कार्यालय परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय में पत्र देकर 09 फरवरी 2026 को नगर निगम के सामने टाउन हॉल परिसर में दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक शांतिपूर्ण एकल धरना देने की अनुमति मांगी थी।उन्होंने कहा कि शासन के नियमों के अनुसार धरने की अनुमति देना या न देना एसडीएम के अधिकार क्षेत्र में आता है, लेकिन दुर्भाग्यजनक रूप से उनके आवेदन पर न तो अनुमति दी गई और न ही कोई लिखित जवाब दिया गया। यह सीधे-सीधे शासन के नियमों का उल्लंघन है।ओस्तवाल ने आरोप लगाया कि एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस प्रकार की चुप्पी न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि इससे शहर की शांति व्यवस्था पर भी प्रश्नचिन्ह लगता है। अनुविभागीय अधिकारी शहर की कानून व्यवस्था के लिए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार होते हैं, लेकिन जनहित के शांतिपूर्ण आंदोलन को लेकर इस स्तर की लापरवाही गंभीर है।उन्होंने कहा कि राजनांदगांव जैसे जिला मुख्यालय, जो प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री का विधानसभा क्षेत्र भी रहा है, वहां ऐसे लापरवाह अधिकारियों की आवश्यकता नहीं है। यह मामला स्वयं एसडीएम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।ओस्तवाल ने मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित एसडीएम के खिलाफ तत्काल कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाए और उन्हें राजनांदगांव से हटाया जाए।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!