आकांक्षी विकासखंड पिथौरा में संपूर्णता अभियान 2.0 की समीक्षा…लक्ष्य पूरे होने के बाद भी निरंतरता जरूरी – नीति आयोग की महानिदेशक- निधि छिब्बर।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

नीति आयोग की महानिदेशक एवं जिले की प्रभारी सचिव निधि छिब्बर ने आज आकांक्षी विकासखंड पिथौरा के प्रवास के दौरान आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम एवं संपूर्णता अभियान 2.0 की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, स्वच्छता तथा आधारभूत संरचना से जुड़े प्रमुख संकेतांकों की प्रगति की समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान निधि छिब्बर ने कहा कि केवल लक्ष्यों की प्राप्ति पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन उपलब्धियों की गुणवत्ता और निरंतरता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि योजनाओं का क्रियान्वयन सतत निगरानी और नियमित समीक्षा के माध्यम से किया जाए, ताकि वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।उन्होंने जिले में दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी उद्योग की संभावनाओं पर विशेष जोर देते हुए पशुपालन विभाग को इस क्षेत्र में ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही महिलाओं को आजीविका से जोड़ने, स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण और बैंक लिंकेज को मजबूत करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, नीति आयोग के अपर सचिव सतीश गोस्वामी सहित संबंधित विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।संपूर्णता अभियान 2.0 में उल्लेखनीय उपलब्धियां समीक्षा बैठक में बताया गया कि 31 दिसंबर 2025 तक जिले ने संपूर्णता अभियान 2.0 के अंतर्गत अधिकांश लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है—जन्म के समय नवजात शिशुओं का 100% वजन मापन, कुल 12,318 शिशुओं का वजन दर्जक्षय रोग (टीबी) अधिसूचना दर 81% से बढ़कर 100% तक पहुंचाने का लक्ष्य, वर्तमान में 973 मामलों की पहचान ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस का आयोजन 96.09% आंगनवाड़ी केंद्रों मेंजिले के 1,956 विद्यालयों में बालिकाओं के लिए 100% क्रियाशील शौचालयपशुपालन क्षेत्र में 99.61% पशुओं का टीकाकरण, अप्रैल 2026 तक 100% का लक्ष्यपिथौरा विकासखंड में प्रगतिआकांक्षी विकासखंड पिथौरा में संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल 2026 तक सभी प्रमुख संकेतांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि का लक्ष्य रखा गया है।आईसीडीएस के तहत 6 माह से 6 वर्ष के बच्चों को अनुपूरक पोषण में 86.77% उपलब्धि, अप्रैल 2026 तक 100% का लक्ष्यआंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की माप-तौल दक्षता 99.86%98.44% आंगनवाड़ी केंद्रों में शौचालय सुविधा, अधिकांश में पेयजल उपलब्ध493 स्कूलों में बालिकाओं के लिए मानक अनुसार शौचालय सुविधाए फएमडी (खुरपका-मुंहपका) टीकाकरण में 100% से अधिक लक्ष्य प्राप्त समीक्षा के उपरांत निधि छिब्बर ने आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों एवं दुग्ध उत्पादन केंद्रों का निरीक्षण भी किया और जमीनी स्तर पर योजनाओं के प्रभाव का जायजा लिया।


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