विकास नंद/ सर्वव्यापी/
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार सुबह कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में कलेक्टर ने धान उठाव के कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि शेष धान का उठाव 25 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए कृषि विभाग को शिविर लगाकर किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।कलेक्टर ने जिले में कुपोषण की समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। साथ ही चिन्हांकित कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी कर उन्हें सुपोषित बनाने की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई।स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी विद्यार्थियों के अपार कार्ड बनाने के निर्देश दिए तथा जिन विकासखंडों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां के बीईओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहने तथा प्रतिदिन सुबह 10 बजे समय पर कार्यालय पहुंचने के निर्देश देते हुए आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली का कड़ाई से पालन करने को कहा।बैठक में बताया गया कि पीएम जनमन आवास योजना के अंतर्गत सर्वे के लिए पोर्टल 15 दिनों के लिए खुला है। कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों का सर्वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। स्वामित्व योजना के तहत वनाधिकार पट्टों के नामांतरण के लिए संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने को भी कहा गया।कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को मनरेगा के तहत अधिक से अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मानव दिवस बढ़ाने के निर्देश दिए। वर्तमान में जिले की 526 ग्राम पंचायतों में लगभग 36 हजार मजदूर कार्यरत हैं, जिसे और बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही गांवों में कचरा संग्रहण शुरू करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बसे गांवों को मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने नगरीय निकायों के सीएमओ को शहरों में नियमित साफ-सफाई और कचरा संग्रहण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी जनगणना को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने तथा शिविरों में ब्लॉक स्तर के अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में रुचि नहीं लेने वाले सरपंच और सचिवों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा ड्रग्स और नशे के विरुद्ध खाद्य, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग को सतत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।बैठक में जल संचयन भागीदारी 2.0 के अंतर्गत शासकीय कार्यालयों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में सोख्ता गड्ढे सहित जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही खनिज और रेत के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।इसके अलावा कलेक्टर ने आधार कार्ड, वय वंदन योजना, आयुष्मान कार्ड, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक, राजस्व प्रकरणों और लोक सेवा गारंटी के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए उनके गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए।