कलेक्टर की सख्ती: मनमानी फीस पर लगेगी रोक, नियमों के तहत ही होगा शुल्क निर्धारण।

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विकास नंद/सर्वव्यापी

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज जिला फीस समिति की बैठक कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय (फीस का विनियमन) अधिनियम 2020 के तहत निजी विद्यालयों की फीस संरचना और संबंधित प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिले के सभी निजी विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप ही फीस तय करें और विद्यार्थियों व अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न डालें। कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, इसलिए शुल्क निर्धारण में पारदर्शिता और न्यायसंगतता अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार की फीस वृद्धि जिला फीस समिति की अनुमति के बिना नहीं की जाएगी। विद्यालय केवल निर्धारित शर्तों के अंतर्गत सीमित दायरे में ही अतिरिक्त सुविधाओं के आधार पर फीस बढ़ा सकते हैं। वर्तमान में किसी भी निजी स्कूल से फीस वृद्धि का प्रस्ताव प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी गई।बैठक में आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए, ताकि पात्र विद्यार्थियों को लाभ मिल सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो। प्रथम चरण की प्रक्रिया लगभग पूर्ण होने के साथ द्वितीय चरण शीघ्र प्रारंभ होने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही अपार आईडी से संबंधित दिशा-निर्देश भी जारी किए गए।कलेक्टर ने अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और अभिभावकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिले में वर्तमान में 243 निजी विद्यालय संचालित हैं, जिनकी फीस संरचना की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी।बैठक में समिति के सदस्यों ने भी अपने सुझाव साझा किए।


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