तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ में अवैध खनन के खिलाफ अब निर्णायक कार्रवाई का दौर शुरू हो गया है। खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद के सख्त तेवर और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद पूरे प्रदेश में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ व्यापक अभियान संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रशासनिक तंत्र को सक्रिय करते हुए इस अभियान को जमीनी स्तर तक प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने सभी जिला खनिज अधिकारियों, कलेक्टरों और संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध खनन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि हर जिले में नियमित निरीक्षण, छापेमारी और निगरानी की व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर तुरंत अंकुश लगाया जा सके। उनके निर्देशों के बाद विभागीय टीमों ने सक्रियता बढ़ाते हुए कई जिलों में लगातार कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे खनन माफियाओं में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से मिल रही जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर अवैध खनन में लगे वाहनों को जब्त किया गया है और बड़ी मात्रा में खनिज सामग्री पकड़ी गई है। विभागीय स्तर पर इन मामलों में न केवल जब्ती की कार्रवाई की जा रही है, बल्कि दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।सचिव पी. दयानंद स्वयं इस पूरे अभियान की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे लगातार समीक्षा बैठकों के माध्यम से जिलों की स्थिति का जायजा ले रहे हैं और जहां भी कार्रवाई में कमी पाई जा रही है, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायत सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ भी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा आधुनिक तकनीकों का भी सहारा लिया जा रहा है। जीपीएस ट्रैकिंग, ड्रोन सर्वे और ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से खनिज परिवहन और उत्खनन गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। इससे अवैध कार्यों को चिन्हित करने और समय पर कार्रवाई करने में विभाग को काफी मदद मिल रही है।राज्य सरकार इस अभियान को केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि इसे आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मान रही है। खनिज संपदा से मिलने वाला राजस्व प्रदेश के विकास कार्यों के लिए अहम स्रोत है, ऐसे में अवैध खनन पर रोक लगाकर राजस्व हानि को रोकना भी प्राथमिकता में शामिल है।साथ ही, सचिव पी. दयानंद ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अवैध खनन की जानकारी प्रशासन को दें। इसके लिए शिकायत तंत्र को सक्रिय किया गया है, ताकि प्राप्त सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।प्रदेश में चल रहे इस सख्त अभियान से यह स्पष्ट संकेत गया है कि अब अवैध खनन करने वालों के लिए कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। सचिव पी. दयानंद के नेतृत्व में खनिज विभाग जिस तरह सक्रिय हुआ है, उससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा और प्रदेश में पारदर्शी तथा नियमसम्मत खनन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।