विकास नंद/ सर्वव्यापी/
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।सीईओ हेमंत नंदनवार ने सुशासन तिहार 2026 की तैयारियों पर विशेष फोकस करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 01 मई को प्रत्येक ब्लॉक के एक-एक क्लस्टर में शिविर आयोजित किए जाएं। उन्होंने संबंधित क्षेत्रों में मुनादी कराने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा शिविरों में सभी विभागों के स्टॉल लगाकर योजनाओं की जानकारी और हितग्राहियों को मौके पर लाभ वितरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।नंदनवार ने कहा कि शिविरों में अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त कर एक माह के भीतर उनका निराकरण किया जाए और हर आवेदक को उसकी स्थिति की जानकारी दी जाए। एक माह से अधिक लंबित प्रकरणों को 30 अप्रैल तक प्राथमिकता के साथ निपटाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने भूमि संबंधी मामलों—नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन—को प्राथमिकता देने के साथ मनरेगा मजदूरी भुगतान, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली, ट्रांसफार्मर और हैंडपंप समस्याओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया।सीईओ ने उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। साथ ही आधार आधारित उपस्थिति अनिवार्य करने और ई-फाइल प्रणाली को शत-प्रतिशत लागू करने पर बल दिया। जनगणना 2027 के तहत स्वगणना कार्य को तेजी से पूरा करने और लोगों को इसके लिए प्रेरित करने के निर्देश भी दिए गए।सार्वजनिक वितरण प्रणाली की समीक्षा करते हुए अप्रैल, मई और जून माह के चावल भंडारण कार्य को शीघ्र पूर्ण करने और राशन वितरण में तेजी लाने को कहा गया। जल संरक्षण के लिए ‘मोर गांव मोर पानी अभियान 2.0’ के तहत विशेष अभियान चलाकर खेतों में जल संरचनाएं, सोख्ता गड्ढे और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।बैठक में मुख्यमंत्री घोषणाओं, जनशिकायत, कलेक्टर जनदर्शन, पीजी पोर्टल और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नंदनवार ने सभी अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।