बिलासपुर संभाग का उभरता मॉडल: सारंगढ़-बिलाईगढ़ को आदर्श जिला बनाने में जुटे कलेक्टर डॉ. संजय कन्नोजे।

Share Now

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर संभाग के अंतर्गत आने वाला नवगठित सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला आज प्रशासनिक सक्रियता और विकास की नई सोच के चलते प्रदेश में अपनी अलग पहचान बना रहा है। जिले के कलेक्टर डॉ. संजय कन्नोजे के नेतृत्व में यह जिला तेजी से “आदर्श जिला” बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।कलेक्टर की कार्यशैली पारंपरिक दफ्तर तक सीमित न रहकर सीधे जमीनी स्तर पर नजर आती है। हर गुरुवार और शुक्रवार को वे स्वयं जिले के विभिन्न गांवों और विकास कार्यों का निरीक्षण करते हैं। यह नियमित मैदानी भ्रमण प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। अधिकारियों-कर्मचारियों में जिम्मेदारी का भाव बढ़ा है और योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आई है।सारंगढ़, बिलाईगढ़ और बरमकेला—जिले के तीनों विकासखंडों में विकास की रफ्तार अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। ग्रामीण अंचलों में कलेक्टर का विशेष फोकस है, जहां वे पंचायत स्तर तक पहुंचकर आम जनता से सीधा संवाद करते हैं। उनकी प्राथमिकता केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला छत्तीसगढ़ के नवगठित जिलों में शामिल है, जिसे रायगढ़ और बलौदाबाजार जिलों के कुछ हिस्सों को मिलाकर बनाया गया है। 347 पंचायतों वाले इस जिले में प्रशासन के सामने शुरुआती चुनौतियां जरूर थीं, लेकिन कलेक्टर डॉ. कन्नोजे ने सुनियोजित रणनीति और सक्रिय निगरानी से इन चुनौतियों को अवसर में बदलने का कार्य किया है।शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और स्वच्छता जैसे मूलभूत क्षेत्रों में सुधार की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। स्कूलों की व्यवस्था सुधारने से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तक, हर क्षेत्र में ठोस पहल दिखाई दे रही है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रशासनिक टीम लगातार सक्रिय है।कलेक्टर की यह पहल केवल निरीक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि वे मौके पर ही समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश देते हैं और उनकी लगातार मॉनिटरिंग भी करते हैं। यही वजह है कि जिले में लंबित कार्यों की संख्या में कमी आई है और नई योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर रही हैं।स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि कलेक्टर की सक्रियता से जिले में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। लोगों को यह महसूस हो रहा है कि उनकी समस्याएं सुनी जा रही हैं और उनका समाधान भी हो रहा है।बिलासपुर संभाग के इस नवोदित जिले में जिस तरह से विकास की गति तेज हुई है, वह आने वाले समय में अन्य जिलों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है। यदि इसी तरह निरंतर प्रयास जारी रहे, तो सारंगढ़-बिलाईगढ़ न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे देश में एक आदर्श जिला के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!