तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल सुशासन तिहार के अंतर्गत मुंगेली जिले में आयोजित शिविर आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं। जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर कुंदन कुमार के नेतृत्व में विभिन्न ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में लगाए गए शिविरों में लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया, जिससे आमजन में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।सुशासन तिहार के दौरान जिले के दूरस्थ गांवों तक प्रशासनिक अमला पहुंचा और लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। राजस्व, पंचायत, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, पेयजल, विद्युत तथा अन्य विभागों से संबंधित आवेदनों का मौके पर निराकरण करने का प्रयास किया गया। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें निर्धारित समय-सीमा में निपटाने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर कुंदन कुमार ने स्वयं कई शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं ने भाग लेकर अपनी समस्याएं एवं मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। अनेक हितग्राहियों को मौके पर प्रमाण-पत्र, पेंशन स्वीकृति, राजस्व संबंधी दस्तावेज तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इससे लोगों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिली।जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु बनकर उभरा है। युवा कलेक्टर कुंदन कुमार के नेतृत्व में मुंगेली जिला सुशासन, पारदर्शिता और जनकेंद्रित प्रशासन की दिशा में एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिविरों के माध्यम से प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचा है, जिससे वर्षों से लंबित कई समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। सुशासन तिहार के माध्यम से जिला प्रशासन ने यह संदेश दिया है कि शासन की प्राथमिकता आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।