विकास नंद/सर्वव्यापी
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के कुशल नेतृत्व और सतत मॉनिटरिंग में महासमुंद जिले में आयोजित सुशासन तिहार 2026 जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। जिलेभर में आयोजित 41 समाधान शिविरों के जरिए आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना गया और उनके निराकरण के लिए प्रभावी पहल की गई। परिणामस्वरूप जिले में प्राप्त 35 हजार 470 आवेदनों में से लगभग 70 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप आयोजित इस अभियान के तहत 01 मई से 05 जून 2026 तक जिले में कुल 35 हजार 470 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 34 हजार 411 मांग संबंधी और 360 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल हैं। अब तक 24 हजार 725 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष 10 हजार 745 आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई जारी है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक आवेदन का गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके मार्गदर्शन में समाधान शिविरों की नियमित समीक्षा की गई और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर समस्याओं के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया।
सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कमरौद में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। वहीं जिले के प्रभारी एवं खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, सांसद रूपकुमारी चौधरी, क्षेत्रीय विधायक तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी शिविरों में भाग लेकर हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ वितरित किया।
समाधान शिविरों में राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान कार्ड, किसान कल्याण योजनाएं, राजस्व प्रकरण, विद्युत, पेयजल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े आवेदनों का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया गया। कई पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ मिलने से उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान हुआ।बागबाहरा विकासखंड के ग्राम कमरौद में मुख्यमंत्री की घोषणा के मात्र 10 दिनों के भीतर मुक्तिधाम निर्माण कार्य को प्रशासकीय स्वीकृति मिलना प्रशासन की तत्परता का उदाहरण बना। वहीं आंवराडबरी निवासी खोमनलाल साहू को आबादी पट्टा प्रदान कर उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान किया गया। इसके अलावा कई युवाओं को शिविर में ही लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए।ग्रामीणों और हितग्राहियों ने कहा कि कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के नेतृत्व में प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है, जिससे लोगों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। सुशासन तिहार ने वास्तव में “संवाद से समाधान” की अवधारणा को साकार करते हुए जनकल्याण और सुशासन का नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।