तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में मुख्य सचिव विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में सभी विभागों के सचिवों की उच्चस्तरीय बैठक लेकर शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्धियों, चुनौतियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।मुख्य सचिव ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को बेहतर समन्वय, नियमित समीक्षा और जमीनी स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए।बैठक में प्रशासनिक कार्यों के डिजिटलीकरण को गति देने के उद्देश्य से ई-ऑफिस प्रणाली की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को फाइलों के त्वरित निपटारे, पारदर्शिता तथा कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए ई-ऑफिस के अधिकतम उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल शासन व्यवस्था से न केवल निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि जवाबदेही भी मजबूत होगी।इसके साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत नागरिकों को निर्धारित समय सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम जनता को शासकीय सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े और सभी आवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर निराकृत किए जाएं।बैठक में राज्य शासन की महत्वाकांक्षी पहल नियद नेल्लानार योजना की प्रगति पर भी विशेष चर्चा हुई। इस योजना के माध्यम से दूरस्थ एवं विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयासों की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय से संचालित महत्वपूर्ण परियोजनाओं की निगरानी के लिए पीएम प्रगति पोर्टल के अंतर्गत लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए।स्वास्थ्य क्षेत्र में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि क्षय रोग उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों और स्वास्थ्य संस्थाओं को मिशन मोड में कार्य करना होगा। उन्होंने रोगियों की पहचान, उपचार और फॉलोअप की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।बैठक में आम नागरिकों तक शासन की सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने वाली सेवा सेतु योजना की प्रगति का भी आकलन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिविरों और विशेष अभियानों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाए।ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण योजना पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने कहा कि इस योजना के माध्यम से आम नागरिकों को स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उन्होंने संबंधित विभागों को योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार, हितग्राहियों के चयन तथा स्थापना कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक परिवार इसका लाभ उठा सकें।बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों के सचिवों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करें, जिलों से प्राप्त फीडबैक का विश्लेषण करें तथा जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुशासन का मूल उद्देश्य आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है और इसके लिए प्रशासनिक तंत्र को परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति अपनानी होगी।बैठक को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि मुख्य सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद विभिन्न विभागों में योजनाओं की मॉनिटरिंग और क्रियान्वयन की गति और अधिक तेज होगी, जिससे प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा।