विकास नंद/ सर्वव्यापी
आगामी शिक्षा सत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जिले में स्कूल बसों की व्यापक जांच अभियान चलाया गया। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में परिवहन विभाग, पुलिस विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिलेभर में पंजीकृत स्कूल बसों का निरीक्षण तथा चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।07 जून को महासमुंद, पिथौरा, बसना और सरायपाली में संचालित विशेष अभियान के दौरान कुल 92 स्कूल बसों का भौतिक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए 6 हजार रुपए का शमन शुल्क वसूला गया।निरीक्षण के दौरान जिन बसों में निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप कमियां पाई गईं, उनके संचालकों को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार कर वाहन को पुनः जिला परिवहन कार्यालय में निरीक्षण हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं निरीक्षण के लिए अनुपस्थित रही बसों के संचालकों को तीन दिवस के भीतर वाहन प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है।जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला ने निरीक्षण के दौरान वाहन चालकों एवं परिचालकों को सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल बस संचालन के दौरान शराब सेवन कर वाहन चलाना, तेज गति से वाहन चलाना तथा यातायात नियमों की अनदेखी करना गंभीर अपराध है।उन्होंने सभी चालकों को सीट बेल्ट का नियमित उपयोग करने, फायर सेफ्टी उपकरण एवं फर्स्ट एड बॉक्स की समय-समय पर जांच करने, बसों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को सुचारू रखने तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने की समझाइश दी।प्रशासन का यह अभियान विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत से पहले स्कूल परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आगे भी नियमित निरीक्षण जारी रहेंगे।