तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
डिजिटल युग में शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) की भूमिका लगातार बढ़ रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्रालय, महानदी भवन नवा रायपुर में कार्यरत स्टेनोग्राफर्स एवं मंत्रालयीन कर्मचारियों ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) द्वारा आयोजित विशेष एआई प्रशिक्षण सत्र में भाग लेकर आधुनिक तकनीकी ज्ञान अर्जित किया।प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य मंत्रालयीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकी उपकरणों से परिचित कराना तथा कार्यालयीन कार्यों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण सत्र के दौरान IIIT के अनुभवी प्रोफेसरों एवं विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को एआई की मूल अवधारणा, इसके व्यावहारिक उपयोग, डेटा प्रबंधन, दस्तावेज तैयार करने की आधुनिक तकनीकों, स्वचालित कार्य प्रणालियों तथा डिजिटल प्रशासन में एआई की भूमिका पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।प्रशिक्षकों ने बताया कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली में व्यापक परिवर्तन लाने वाली है। एआई आधारित तकनीकों के माध्यम से फाइल प्रबंधन, दस्तावेजों का विश्लेषण, नोटशीट तैयार करना, सूचना संकलन, भाषा अनुवाद तथा कार्यालयीन संचार को अधिक तेज, सटीक और प्रभावी बनाया जा सकता है।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं एआई टूल्स का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी कराया गया। उन्हें यह समझाया गया कि किस प्रकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग दैनिक कार्यालयीन कार्यों में समय की बचत, कार्यकुशलता में वृद्धि तथा निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए किया जा सकता है। साथ ही साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम में शामिल स्टेनोग्राफर्स ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें आधुनिक तकनीकी परिवर्तनों को समझने और उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने का अवसर प्राप्त हुआ है। प्रशिक्षण के पश्चात प्रतिभागियों को विभिन्न व्यावहारिक गतिविधियों एवं अभ्यास सत्रों के माध्यम से एआई आधारित प्रक्रियाओं का अनुभव भी कराया गया, जिससे वे नई तकनीकों के उपयोग में अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रहे हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं, बल्कि शासन की डिजिटल परिवर्तन प्रक्रिया को भी गति प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कर्मचारियों को नई तकनीकों से जोड़ने की यह पहल भविष्य में ई-गवर्नेंस को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।मंत्रालय महानदी भवन रायपुर के स्टेनोग्राफर्स की सक्रिय सहभागिता ने यह संदेश दिया है कि बदलते तकनीकी दौर में प्रशासनिक तंत्र भी स्वयं को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने के लिए पूरी तरह तैयार है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य के स्मार्ट प्रशासन और डिजिटल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।