28 जून को जिले में पल्स पोलियो अभियान : 2.78 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

अफगानिस्तान एवं पाकिस्तान में वाइल्ड पोलियो वायरस के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत बिलासपुर जिले में 28 जून 2026 को विशेष पोलियो टीकाकरण अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों की समीक्षा हेतु कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स इम्यूनाइजेशन (डीटीएफआई) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने अभियान के प्रभावी एवं शत-प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 2 लाख 78 हजार 149 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले में 1,520 पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। बूथ दिवस 28 जून को प्रातः 8 बजे से सायं 5 बजे तक सभी बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद 29 एवं 30 जून को मॉप-अप दिवस के रूप में घर-घर जाकर उन बच्चों को पोलियो की खुराक दी जाएगी, जो बूथ दिवस पर छूट गए होंगे। विकासखंडवार लक्ष्य के अनुसार बिल्हा में 54,322 बच्चों के लिए 290 बूथ, कोटा में 39,075 बच्चों के लिए 263 बूथ, मस्तूरी में 50,945 बच्चों के लिए 278 बूथ, तखतपुर में 45,166 बच्चों के लिए 274 बूथ तथा शहरी बिलासपुर में 88,641 बच्चों के लिए 415 बूथ स्थापित किए जाएंगे। अभियान के सफल संचालन हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा बूथ, ट्रांजिट, मोबाइल एवं सुपरवाइजरी टीमों का गठन किया गया है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेला स्थल तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी विशेष व्यवस्था की जाएगी, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बैठक में निर्देश दिए कि अभियान के दौरान सूक्ष्म कार्ययोजना के अनुरूप कार्य किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा पोलियो की खुराक से न छूटे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों, स्वयंसेवी संस्थाओं एवं आम नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने बताया कि पोलियो जैसी गंभीर एवं स्थायी विकलांगता उत्पन्न करने वाली बीमारी से बचाव के लिए प्रत्येक बच्चे को बार-बार पोलियो की खुराक देना आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो बूथ तक अवश्य लेकर आएं और पोलियो की दो बूंद पिलाकर उन्हें सुरक्षित भविष्य प्रदान करें। “दो बूंद जिंदगी की” के संदेश के साथ जिले में पोलियो मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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