डीएमएफ की शासी परिषद की बैठक में विकास को मिली रफ्तार…585 लाख रुपये के विकास कार्यों को हरी झंडी, खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए बनी कार्ययोजना।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी

सांसद रूपकुमारी चौधरी के मुख्य आतिथ्य तथा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद समिति की बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में संपन्न हुई। बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए 585 लाख रुपये के विभिन्न कार्यों का अनुमोदन किया गया।

बैठक में बसना विधायक संपत अग्रवाल, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरीनंद, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, जनपद एवं नगरीय निकायों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर रवि साहू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 (संशोधन 2025) के प्रावधानों के अनुसार प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित क्षेत्रों की अद्यतन सूची पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही न्यास की आय-व्यय स्थिति, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लेखा परीक्षण तथा वार्षिक कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया।

अपर कलेक्टर रवि साहू ने बेसलाइन सर्वेक्षण एवं पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना की जानकारी देते हुए बताया कि डीएमएफ निधि का 70 प्रतिशत व्यय उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों तथा 30 प्रतिशत अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में किया जाएगा। बैठक में डीएमएफ निधि के उपयोग संबंधी दिशा-निर्देशों की भी जानकारी दी गई।

खनिज विभाग ने बताया कि जिले में फर्शी पत्थर, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, ग्रेनाइट, मुरूम तथा साधारण रेत का उत्पादन होता है। वहीं भालूकोना एवं जामनीडीह क्षेत्र में निकिल, क्रोमियम एवं पीजीई खनिजों की संभावनाओं पर भी कार्यवाही जारी है।बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में नई योजनाओं के लिए 165.55 लाख रुपये की राशि उपलब्ध है। इसके आधार पर विभिन्न सेक्टरों में कुल 585 लाख रुपये के विकास कार्यों का अनुमोदन किया गया।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग पूरी पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने, लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


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