विकास नंद/ सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य सरला कोसरिया ने आज प्रेरणा सभा कक्ष, महिला एवं बाल विकास विभाग परिसर, दुर्ग में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों की जनसुनवाई की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला दुर्ग द्वारा आयोग अध्यक्ष एवं सदस्य का सम्मान भी किया गया।जनसुनवाई में विभिन्न मामलों की सुनवाई करते हुए आयोग ने कई महत्वपूर्ण अनुशंसाएं कीं। एक मामले में महंगे मोबाइल फोन की खराबी और उपभोक्ता को हुई परेशानी को गंभीर मानते हुए आयोग ने आवेदिका को उपभोक्ता फोरम में मोबाइल की पूरी कीमत, नया मोबाइल तथा डेढ़ वर्ष की मानसिक क्षति का दावा प्रस्तुत करने की सलाह दी तथा संबंधित पक्षों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की।एक अन्य गंभीर प्रकरण में दो शासकीय सेवकों द्वारा सेवा में रहते हुए वैवाहिक नियमों के उल्लंघन और दस्तावेजों में विसंगतियों को देखते हुए आयोग ने दोनों की सेवा समाप्ति की अनुशंसा की। इस संबंध में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को कार्रवाई हेतु पत्र भेजने का निर्णय लिया गया।दहेज एवं वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में आयोग की पहल पर आवेदिका को एक लाख रुपये नगद राशि तथा विवाह में दिया गया सामान वापस दिलाया गया। शेष राशि निर्धारित किश्तों में देने पर दोनों पक्षों की सहमति बनी, जिसके बाद प्रकरण का निराकरण किया गया।पितृत्व संबंधी एक पुराने मामले में आयोग ने डीएनए टेस्ट कराने की अनुशंसा करते हुए कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई को आवश्यक कार्रवाई कर दो माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।ग्राम स्तर पर सामाजिक बहिष्कार, पारिवारिक विवाद, पड़ोसियों के बीच विवाद, जलभराव की समस्या तथा महिला उत्पीड़न से जुड़े अन्य मामलों में भी आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर समझाइश, सुलह और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।कुछ मामलों में न्यायालय में प्रकरण लंबित होने अथवा एफआईआर दर्ज होने के कारण आयोग ने उन्हें नस्तीबद्ध किया, जबकि कुछ मामलों में अगली सुनवाई के लिए संबंधित पक्षों को तलब करने के निर्देश जारी किए गए।जनसुनवाई के दौरान आयोग ने महिला अधिकारों की रक्षा, न्याय दिलाने तथा पीड़ित महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।