विकास नंद/ सर्वव्यापी
प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास और उन्हें मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गुरुवार को एक सचित्र पुस्तिका का विमोचन किया गया।प्रदेश में कमार, पहाड़ी कोरबा, अबुझमाड़िया, बैगा और बिरहोर जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों के विकास के लिए भारत सरकार द्वारा 872 बसाहटों को जोड़ने हेतु 2,902 किलोमीटर लंबाई की 807 सड़कों के निर्माण के लिए 2,007 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पीएम-जनमन योजना के तहत देशभर में सर्वाधिक स्वीकृतियां छत्तीसगढ़ को प्राप्त हुई हैं।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से संचालित इस अभियान का उद्देश्य 100 से अधिक आबादी वाली जनजातीय बसाहटों को बारहमासी सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान हो सके।महासमुंद जिले में पीएम-जनमन के बैच-1 और बैच-2 के अंतर्गत कुल 26 सड़कें स्वीकृत हुई हैं। इनकी कुल लंबाई 37 किलोमीटर है। इन सड़कों के निर्माण से 1,017 बसाहटें बारहमासी सड़क संपर्क से जुड़ रही हैं तथा बैगा समुदाय के 3,763 हितग्राहियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता आशीष कुलदीप ने बताया कि जिले की 21 सड़कों के निर्माण में लगभग 12,500 किलोग्राम प्लास्टिक वेस्ट से तैयार विशेष सामग्री का उपयोग किया गया है। इस सामग्री का निर्माण बागबाहरा कला की महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।पुस्तिका विमोचन के दौरान पीएम-जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों, सड़क संपर्क विस्तार और स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में आ रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी साझा की गई।