नूर मोहम्मद,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव को समर्पित सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के लिए गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले से 21 श्रद्धालुओं का दल विशेष ट्रेन के माध्यम से पवित्र ज्योतिर्लिंग सोमनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। राजधानी रायपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में विष्णुदेव साय ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और अटूट आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इतिहास में अनेक बार आक्रांताओं द्वारा मंदिर को ध्वस्त किए जाने के बावजूद उसका पुनर्निर्माण होता रहा, जो भारतीय समाज की अडिग श्रद्धा और सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाता है।सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा के तहत छत्तीसगढ़ से एक हजार से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकार, साहित्यकार तथा समाजसेवी इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल हुए हैं। जीपीएम जिले से मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के नेतृत्व में 21 यात्रियों का दल इस सांस्कृतिक अभियान का हिस्सा बना।यात्रा के दौरान श्रद्धालु छत्तीसगढ़ के विभिन्न शिवालयों की पावन मिट्टी और प्रदेश की पवित्र नदियों का जल कलश लेकर सोमनाथ महादेव के चरणों में अर्पित करेंगे। मुख्यमंत्री ने भगवान सोमनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना का संदेश सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का उद्देश्य नागरिकों को भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत से जोड़ना, राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना तथा सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है। इस यात्रा के माध्यम से प्रतिभागियों को सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व, भारतीय सभ्यता की समृद्ध परंपराओं और देश की सांस्कृतिक धरोहर को निकट से जानने का अवसर मिलेगा।जीपीएम जिले के श्रद्धालुओं की इस सहभागिता ने जिले को भी इस ऐतिहासिक और गौरवशाली सांस्कृतिक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है।