नूर मोहम्मद,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)
दिव्यांगजनों के जीवन में बदलाव लाने वाले अनदेखे नायकों को अब राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होने का अवसर मिल रहा है। दिव्यांगजन सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं, संगठनों, कर्मचारियों और विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले दिव्यांगजनों के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय पुरस्कार हेतु आवेदन आमंत्रित किए हैं।विश्व दिव्यांग दिवस 3 दिसंबर 2026 के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक आवेदक 31 जुलाई 2026 तक निर्धारित पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।समाज कल्याण विभाग के अनुसार, यह पुरस्कार केवल सम्मान नहीं बल्कि उन प्रयासों की राष्ट्रीय पहचान है, जिन्होंने दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर, सक्षम और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुरस्कार के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण, पुनर्वास, कौशल विकास, रोजगार सृजन, सुगम्यता, अनुसंधान, खेल, कला, साहित्य तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान को आधार बनाया जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे पुरस्कार समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और उन व्यक्तियों व संस्थाओं को प्रेरित करते हैं जो वर्षों से निस्वार्थ भाव से दिव्यांगजनों के अधिकारों और सम्मान के लिए कार्य कर रहे हैं।समाज कल्याण विभाग ने पात्र व्यक्तियों एवं संस्थाओं से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील करते हुए कहा है कि यह अवसर उनके कार्यों को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने और देशभर में पहचान दिलाने का माध्यम बन सकता है। क्या आप भी हैं इस सम्मान के हकदार?यदि आपने दिव्यांगजनों के उत्थान, शिक्षा, रोजगार, पुनर्वास, खेल, कला, साहित्य या सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है, तो यह अवसर आपके लिए है। 31 जुलाई से पहले आवेदन कर अपने कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाएं।