नूर मोहम्मद,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)
जीपीएम पुलिस ने जिले के चर्चित मरवाही अपहरण कांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए पूरे मामले की परतें खोल दी हैं। जिस घटना को लेकर क्षेत्र में अपहरण और संगठित आपराधिक गिरोह की आशंकाएं जताई जा रही थीं, वह जांच में गांजा तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा निकला। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कथित अपहृत गिरीश यादव को उड़ीसा से सकुशल बरामद कर लिया गया है।पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पूरा मामला गांजा तस्करी और उससे जुड़े आर्थिक लेन-देन के विवाद से संबंधित है। उन्होंने कहा कि गिरीश यादव का गांजा तस्करी से संबंध होने के पर्याप्त संकेत मिले हैं और इस बात की भी संभावना है कि वह वर्तमान में भी इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ हो।एसपी ने बताया कि उड़ीसा से मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों तक होने वाली गांजा सप्लाई के नेटवर्क और रूट की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस ने टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया। जांच में यह भी सामने आया कि कथित अपहरणकर्ता और गिरीश यादव पहले से एक-दूसरे को जानते थे तथा उनके बीच पैसों के लेन-देन का संबंध था। इसी वजह से सभी पक्ष एक-दूसरे पर भरोसा कर रहे थे और बिना किसी संदेह के संपर्क में थे।तकनीकी जांच ने खोली साजिश की परतेंपुलिस के अनुसार मोबाइल टावर लोकेशन, डिजिटल साक्ष्य और सीसीटीवी फुटेज ने मामले को सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाई। इन्हीं तकनीकी प्रमाणों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि घटना के पीछे कोई सामान्य आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि अवैध कारोबार से जुड़ा विवाद प्रमुख कारण था।बड़े नेटवर्क की तलाश में पुलिसमामले के खुलासे के बाद अब पुलिस की नजर गांजा तस्करी के उस बड़े नेटवर्क पर है, जिसके तार उड़ीसा, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों तक फैले होने की आशंका है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा अब तक कितनी बड़ी मात्रा में अवैध कारोबार संचालित किया गया है।जिले में चर्चा का विषय बना मामलापुलिस के खुलासे के बाद पूरे जिले में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अपहरण की सनसनी के पीछे गांजा तस्करी और लेन-देन के विवाद का एंगल सामने आने से लोग हैरान हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई और संभावित बड़े खुलासों पर टिकी हुई हैं।पुलिस के इस खुलासे ने मरवाही अपहरण कांड को पूरी तरह नया मोड़ दे दिया है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और गिरीश यादव की सकुशल बरामदगी के बाद जांच एजेंसियों को इस अवैध कारोबार से जुड़े कई और अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।