विकास नंद/ सर्वव्यापी

महासमुंद कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विनय लंगेह के निर्देश पर गठित जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल ने बिरकोनी औद्योगिक क्षेत्र एवं घोड़ारी स्थित विभिन्न औद्योगिक संस्थानों का व्यापक निरीक्षण किया। जांच के दौरान श्रमिक सुरक्षा, श्रम कानूनों के पालन, परिवहन, विधिक मापविज्ञान एवं औद्योगिक सुरक्षा से जुड़ी कई खामियां सामने आईं, जिस पर संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।संयुक्त टीम ने सबसे पहले बिरकोनी स्थित शांति संस उद्योग का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि श्रमिकों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। पर्याप्त अग्निशमन यंत्रों का अभाव था तथा केमिकल स्टोर क्षेत्र में आवश्यक सुरक्षा निर्देश प्रदर्शित नहीं किए गए थे। विधिक मापविज्ञान विभाग को टैंकर वाहनों एवं मोबाइल डिस्पेंसिंग यूनिट के सत्यापन संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए गए, जिसके लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। श्रम विभाग को सूचना बोर्ड एवं श्रम कानूनों का सारांश भी प्रदर्शित नहीं मिला।इसके बाद वॉलप्लास्ट प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड में निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों में कमियां पाई गईं। परिसर में तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना पंजीयन के संचालित होती मिलीं। श्रम विभाग ने ओवरटाइम भुगतान से संबंधित अनियमितताओं को भी चिन्हित किया और प्रबंधन को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू की।ड्राई केम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में भी श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाने, अग्निशमन व्यवस्था में कमी तथा सुरक्षा निर्देशों का अभाव पाया गया। फैक्ट्री परिसर में बिना पंजीयन के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिलीं। साथ ही स्थापित धर्मकांटे के सत्यापन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर विधिक मापविज्ञान विभाग ने नोटिस जारी करने का निर्णय लिया। श्रम विभाग ने ओवरटाइम भुगतान में अंतर पाए जाने पर भी कार्रवाई की अनुशंसा की।घोड़ारी स्थित बंजारे स्टोन एंड क्रेशर इंडस्ट्रीज में श्रम विभाग को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जबकि जय बजरंग स्टोन में श्रमिकों के बयान दर्ज कर संचालक को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं हर्ष क्रेशर निरीक्षण के दौरान बंद मिला।निरीक्षण में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, परिवहन, श्रम, पर्यावरण तथा विधिक मापविज्ञान विभाग के अधिकारी शामिल रहे। पर्यावरण विभाग द्वारा सभी इकाइयों में पर्यावरणीय स्थिति सामान्य पाई गई।कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर की गई इस संयुक्त कार्रवाई को औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों एवं श्रम कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रमिकों की सुरक्षा और वैधानिक प्रावधानों के पालन में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।