विकास नंद/ सर्वव्यापी

सरायपाली/बसना। प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद से मान्यता प्राप्त वीणापाणि संगीत विद्यालय, बस्ती सरायपाली में संगीत शिक्षण का शुभारंभ वैदिक विधि-विधान के साथ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं वंदना के बीच हुआ। शुभारंभ अवसर पर संगीत प्रेमियों और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।दीर्घ अनुभवी संगीत प्रशिक्षक सुकनाथ चौहान (संगीत प्रभाकर) एवं भैरव प्रसाद चौहान (संगीत प्रभाकर) ने विद्यार्थियों को शास्त्रीय संगीत की बुनियादी शिक्षा देते हुए सरगम (सा, रे, ग, म, प, ध, नि, सा) से परिचित कराया। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को संगीत की सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक दोनों प्रकार की शिक्षा दी गई।कार्यक्रम का सबसे प्रेरक दृश्य तब देखने को मिला, जब अब तक मोबाइल स्क्रीन पर चलने वाली उंगलियां हारमोनियम की चाबियों और तबले की थाप पर सुर-ताल बिखेरती नजर आईं। विद्यार्थियों के चेहरे पर संगीत सीखने का उत्साह और नई अनुभूति स्पष्ट दिखाई दी।विद्यालय के संचालक जन्मजय नायक ने बताया कि सरायपाली में संगीत विद्यालय शुरू होने से क्षेत्र की छिपी हुई प्रतिभाओं को अपनी कला निखारने का बेहतर अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि गायन, वादन एवं नृत्य की नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी तथा प्रवेश प्रक्रिया लगातार जारी है। उनका उद्देश्य क्षेत्र में संगीत की नई प्रतिभाओं को तैयार कर सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करना है।इस अवसर पर आनंद कुमार चौहान, डॉ. कैलाश जोशी, तेजराम पटेल (कत्थक नृत्य प्रशिक्षक), कुबेर पटेल, जितेंद्र पटेल सहित अनेक संगीत प्रेमी उपस्थित रहे।