तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ शासन के आवास एवं पर्यावरण विभाग ने रायपुर जिले के ग्राम नकटी में प्रस्तावित विशेष आवासीय योजना के लिए चिन्हित शासकीय भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को लेकर गंभीर रुख अपनाया है। विभाग के सचिव अंकित आनंद द्वारा जारी पत्र क्रमांक 1988/2024/32 के माध्यम से रायपुर कलेक्टर को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवास एवं पर्यावरण विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि प्रदेश के माननीय सांसदों एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के माननीय सदस्यों को सुविधायुक्त आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष आवासीय योजना तैयार की गई है। इस संबंध में पूर्व में विभाग द्वारा पत्र क्रमांक 730, दिनांक 27 फरवरी 2024 के माध्यम से कलेक्टर रायपुर को ग्राम नकटी, पटवारी हल्का नंबर 77 की शासकीय भूमि के आवंटन हेतु प्रस्ताव भेजा गया था।पत्र के अनुसार, ग्राम नकटी के खसरा क्रमांक 460, 465, 524, 698, 700 एवं 701 की कुल 29.172 हेक्टेयर शासकीय भूमि को विशेष आवासीय योजना के लिए प्रस्तावित किया गया है। इस भूमि का आवंटन छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा प्रस्तावित किया गया है।अतिक्रमण बढ़ने पर शासन ने जताई चिंताआवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रस्तावित शासकीय भूमि पर पूर्व से ही कुछ ग्रामीणों द्वारा अतिक्रमण कर छोटे-बड़े कच्चे एवं पक्के निर्माण कर लिए गए हैं। वहीं, गृह निर्माण मंडल द्वारा भूमि आवंटन के लिए आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद भी उक्त भूमि पर अतिक्रमण की घटनाओं में वृद्धि हो रही है।शासन ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों के लिए प्रस्तावित विशेष आवासीय योजना के क्रियान्वयन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसलिए रायपुर कलेक्टर को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें तथा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को शीघ्र भूमि आवंटित करने की कार्यवाही पूर्ण करें।राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मामलाग्राम नकटी की शासकीय भूमि पर प्रस्तावित विशेष आवासीय योजना को प्रदेश के सांसदों एवं विधायकों के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। ऐसे में भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण और उसे हटाने के लिए शासन द्वारा जारी निर्देश अब राजनीतिक एवं प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गए हैं। शासन के इस कदम से स्पष्ट है कि प्रस्तावित विशेष आवासीय योजना को शीघ्र धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है।